June 23, 2026

सरकारी शिक्षकों के प्रोमोशन की राह होगी आसान, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिया यह ऑफर

 

सरकारी शिक्षकों के प्रोमोशन की राह होगी आसान, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिया यह ऑफर

पहले शिक्षकों को कोर्ट केस वापस लेने पर सात दिन में प्रमोशन आदेश जारी करने का वादा किया था। अब सरकार 24 घंटे में प्रमोशन करने को तैयार है। शिक्षकों के वरिष्ठता विवाद पिछले कई साल से जारी है।

 

प्रमोशन के लंबित मामलों के समाधान के लिए शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सरकारी शिक्षकों को एक बार फिर ऑफर दिया है। बकौल मंत्री, शिक्षक यदि कोर्ट केस वापस ले लेते हैं तो विभाग 24 घंटे के भीतर प्रमोशन आदेश जारी कर देगा।

 

शिक्षकों के वरिष्ठता विवाद की वजह से हाईस्कूल प्रधानाध्यापक और प्रवक्ता पद पर प्रमोशन कई वर्ष से लटके हुए हैं। शिक्षा मंत्री ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में कहा कि सरकार चाहती है कि शिक्षकों के प्रमोशन समय पर हों, लेकिन मामला न्यायिक विचाराधीन होने की वजह से सरकार निर्णय नहीं ले सकती है।

 

पहले शिक्षकों को कोर्ट केस वापस लेने पर सात दिन में प्रमोशन आदेश जारी करने का वादा किया था। अब सरकार 24 घंटे में प्रमोशन करने को तैयार है। शिक्षकों के वरिष्ठता विवाद पिछले कई साल से जारी है।

 

तदर्थ विनियमित शिक्षक वर्ष 1995 के जीओ के आधार पर अपने विनियमितीकरण की तारीख एक अक्तूबर 1990 से वरिष्ठता मांग रहे हैं। हालांकि एक बार सरकार ने उन्हें वरिष्ठता दे दी थी। लेकिन फिर विवाद होने पर 13 जुलाई 2021 को वरिष्ठता देने का आदेश वापस ले लिया।

 

तब से यह मामला हाईकोर्ट और लोक सेवा अभिकरण के विचाराधीन है। दूसरा मामला प्रवक्ताओं का है। छह अगस्त 2010 में शिक्षा विभाग ने करीब 2000 एलटी शिक्षकों का प्रवक्ता कैडर में प्रमोशन किया था।

 

शिक्षकों को वरिष्ठता नियमावली का हवाला देते हुए बैक डेट से वरिष्ठता दे दी। इसके विरोध में वर्ष 2005 की सीधी भर्ती से लोक सेवा आयोग से चुनकर आए प्रवक्ताओं ने हाईकोर्ट में केस दायर कर दिया।

 

हाईकोर्ट ने वर्ष 2014 में प्रवक्ता कैडर की सीनियरटी को स्टे लिया हुआ। इधर, राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि प्रमोशन के समाधान के लिए कुछ शिक्षकों ने केस वापस पर सहमति दे दी है, इसकी औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 

आयोग से दोबारा आवेदन लेने का अनुरोध करेगी सरकार

सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य भर्ती में नियमों में बदलाव पर सहमति के बाद अब सरकार के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। बीते रोज हुई बैठक में आयु सीमा को 50 से बढ़ाकर 55 साल करने और पंद्रह साल की सेवा पूरी कर चुके एलटी शिक्षकों को भी भर्ती में शामिल होने का मौका देने पर सहमति बन चुकी है।

 

सूत्रों के अनुसार दूसरे चरण के तहत लोक सेवा आयोग से वर्तमान भर्ती को कुछ समय तक स्थगित करने और नए सिरे से आवेदन लेने का अनुरोध किया जाएगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार शिक्षा, छात्र और शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय कर रही

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