September 2, 2026

20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों के दौरान देशभर में छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

Delhi 01 September 2026,

नीट पेपर लीक ज लेकतर दिल्ली समेत देशभर में हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को झटका देते हुए अहम् आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को नीट पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े माजमलों में 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों को लेकर देशभर में छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी विशेष शक्तियों अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने आदेश दिया कि इन प्रदर्शनों से जुड़ी अब कोई भी नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।

मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई क अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई की। सीजेआई ने कहा कि 20 से 25 जुलाई के बीच जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में हज़ारों छात्रों ने आंदोलन में हिस्सा लिया। पुलिस ने कुल 13 एफआईआर दर्ज की थी। दिल्ली, महाराष्ट्र, असम, बिहार और पश्चिम बंगाल के आवेदन हैं। इनमें एफआईआर का विवरण है। हमें बताया गया है कि दिल्ली पुलिस पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोगों पर नई एफआईआर करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया। दिल्ली पुलिस सिर्फ उन 2873 लोगों के खिलाफ एफआईआर जारी रखेगी जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है। लेकिन इनपर नई एफआईआर दर्ज नहीं होगी। साथ ही चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर किसी राज्य में कोई एफआईआर है जिसकी जानकारी अभी हमें नहीं दी गई है तो उसे रद्द करने की मांग का राज्य विरोध नहीं करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जहां तक नीट परीक्षा, 2026 के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के मुआवजे का सवाल है, हमें बताया गया है कि इसके बारे में नीति 3 महीने में बना ली जाएगी। इस नीति को 3 महीने में पूरा कर मुआवजा दिया जाए।

सीजेपी ने 5 सितंबर का प्रोटेस्ट वापस लिया,

काक्रोच जनता पार्टी सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सुनवाई के दौरान पार्टी का स्टेटमेंट पढते हुए कहा कि बीजेपी के को-कन्वीनर के तौर पर, मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के सकरात्मक भरोसे और आज ज्यूडिशियल सैंक्टिसिटी को देखते हुए, और इस कोर्ट के पास किए गए ऑर्डर को देखते हुए, सीजेपी 5 सितंबर को मार्च का कॉल वापस लेना सही समझता है और आज के ऑर्डर का पालन करने की उम्मीद करता है। मैं इस फ़ैसले के लिए कोर्ट को और दोनों तरफ़ के वकील, सॉलिसिटर जनरल को उनकी कोशिशों के लिए भी धन्यवाद देता हूं।

 

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.