प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात की 137वीं कड़ी में देशवासियों के साथ प्रेरणादाई प्रसंगों को किया साझा,
Delhi 30 August 2026,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात की 137वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, इस नए एपिसोड में आप सभी का मैं एक बार फिर स्वागत करता हूँ। आप सब जानते हैं कि ये एक ऐसा मंच है जहां हम नए प्रयासों को सामने लाते हैं। उन्होंने इन्नोवेशन आईडियाज, नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ ‘हर घर तिरंगा अभियान’ वंदे मातरम्’ के डेढ़-सौ वर्ष पूरे होने , नेशनल स्पेस डे’ जैसे प्रेरणादाई प्रसंगों पर अपने विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री ने कहा,‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ यह अभियान इस समय पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका लक्ष्य बिल्कुल साफ है – नशा मुक्त युवा, बहुत सारे लोग, विशेषकर हमारे युवा बहुत बड़ी संख्या में इसका हिस्सा बन रहे हैं। आखिर यह भारत के युवाओं के स्वास्थ्य उनकी खुशियों और उज्ज्वल भविष्य के लिए ही हमारा सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि, नशे की लत सिर्फ एक व्यक्ति को अपने लपेटे में नहीं लेती, इसके दुष्परिणाम पूरे परिवार और समाज को भी झेलने पड़ते हैं। मैं उन लोगों की सराहना करूंगा जो ड्रग्स के खिलाफ दूसरों को जागरूक करते हैं और नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद में आगे आते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त महीने के महात्म्य का जिक्र करते हुए कहा, अगस्त के महीने में हमें हर तरफ देशभक्ति के अनेक रंग देखने को मिलते हैं। इस समय हर व्यक्ति के मन में राष्ट्र-प्रेम की भावना और प्रबल हो जाती है। ‘नेशनल हैंडलूम डे ’ और ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ से लेकर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस इसे खास बनाते हैं। ‘स्वतंत्रता दिवस’ और ‘नेशनल स्पेस डे’ इसके अवसर तो हर देशवासी को गर्व से भर देते हैं। ‘हर घर तिरंगा अभियान’ इस भावना को और मजबूत करता है। ‘वंदे मातरम्’ के डेढ़-सौ वर्ष पूरे होने से यह साल और भी विशेष बन गया है। इस बार 8 करोड़ से अधिक तिरंगा सेल्फी अपलोड की गई और तिरंगे का ये उत्सव केवल भारत तक ही सीमित नहीं रहा – इस साल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ के जरिए हमारा तिरंगा दुनिया-भर की एक अनोखी यात्रा पर निकला। फीजी के सुवा में सूरज की पहली किरण के साथ तिरंगा फहराया गया। इसके बाद एशिया अफ्रीका यूरोप और फिर अमेरिका के सेंन फ्रांसिस्को तक तिरंगा लहराता गया।
अब ऐसी लाखों माताओं-बहनों को ‘पीएम स्वनिधि योजना’ से नई ताकत मिल रही है। ‘महिला सशक्तिकरण’ के इस पहलू की उतनी चर्चा नहीं होती, जितनी होनी चाहिए। ‘पीएम स्वनिधि योजना’ की लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। यानी देशभर में लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, स्वच्छता की एक बहुत बड़ी खूबी होती है। जब किसी जगह को स्वच्छ रखने का संकल्प वहां के लोगों का अपना संकल्प बन जाता है, तो बदलाव केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहता। इससे उस जगह की पूरी पहचान ही बदल जाती है। उन्होंने श्री अमरनाथ जी की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा फेके गए कचरे का जिक्र करते हुए बताया कि, स्वच्छता और जनभागीदारी की ऐसी ही प्रेरक तस्वीर देखने को मिली है। कठिन रास्तों पर, हजारों स्वच्छता कर्मी दिन-रात सेवा में जुटे रहे। इस वर्ष यात्रा के दौरान, 400 मैट्रिक टन से ज्यादा कचरे को कलेक्ट और प्रोसेस किया गया। स्वच्छता के इस अभियान में श्रद्धालु भी भागीदार बने। 16 हजार से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया। 10 हजार से अधिक यात्रियों को ‘रिस्पांसिबल यात्री सर्टिफिकेट’ भी दिया गया। यहां
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने नागालैंड के फेक जिले की वेसालु पुरो की फूलों की खेती, ओडिशा के देबरीगढ़ में ‘धोड़रोकुसुम’ गाँव की मैथिली भुए जी महुआ और केंदु पत्ता चुनने, तो कभी बांस की कोपलें और दूसरी वन उपज लाने। और 23 अगस्त, को नेशनल स्पेस डे पर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में जुटी करीब 100 छात्राएं द्वारा तैयार एक सेटेलाइट को मून की कक्षा में भेजने की तैयारी पर चर्चा की है।
