उत्तराखंड में 1 से 18 नवंबर तक मनाया जाएगा जनजातीय गौरव दिवस, 15 नवंबर को होगा भव्य आयोजन
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर उत्तराखंड में 1 से 18 नवंबर 2026 तक जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए कैबिनेट मंत्री खजान दास ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने भारत सरकार की ओर से निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने बताया कि 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस पर प्रदेश में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए आयोजन स्थल का चयन बाद में किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों की तैयारियां समय से पूरी की जाएं और जनजातीय समुदाय की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में महान क्रांतिकारी एवं जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया था। इसका उद्देश्य जनजातीय नायकों के योगदान, विरासत और संस्कृति को सम्मान देना तथा उनके ऐतिहासिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मंत्री ने बताया कि 1 से 18 नवंबर तक प्रदेशभर में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, मंत्रालय की ओर से किए गए सुधारों, जनजातीय विरासत और महान जनजातीय नायकों के योगदान पर आधारित प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही जनजातीय कला, संस्कृति, नृत्य, संगीत और शिल्पकला को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
कार्यक्रमों के तहत चित्रकला, कहानी लेखन, कविता, निबंध और लघु लेख प्रतियोगिताओं के साथ फोटोग्राफी, क्विज और स्लोगन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा पारंपरिक कला एवं शिल्प प्रदर्शन, जनजातीय उपलब्धियों का सम्मान, सामुदायिक जनसंपर्क कार्यक्रम और पुष्पांजलि समारोह जैसे आयोजन भी प्रस्तावित हैं।
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और उपलब्धियों को व्यापक पहचान दिलाई जाए। साथ ही, जनजातीय समाज तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
