ऑपरेशन प्रहार पर यूकेडी ने उठाए सवाल, सरकार के दावों को बताया खोखला
उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से चलाए गए राज्यव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ को लेकर सियासत तेज हो गई है। जहां पुलिस और सरकार इस अभियान को सफल बता रही है, वहीं उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने इसके प्रभाव पर सवाल खड़े किए हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार ऑपरेशन प्रहार के तहत प्रदेशभर में 1400 से अधिक अपराधियों और वांछित व्यक्तियों की गिरफ्तारी की गई है। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में चालान किए गए, बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया गया तथा नशा तस्करों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। सरकार का दावा है कि इस अभियान से आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
हालांकि, यूकेडी के केंद्रीय महामंत्री Devchand Uttarakhandi ने अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पहले भी इस तरह के कई अभियान चला चुकी है, लेकिन आम जनता को उससे कोई विशेष राहत नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे अभियानों के जरिए सरकार और पुलिस केवल अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
देवचंद उत्तराखंडी ने कहा कि यदि कानून व्यवस्था में वास्तविक सुधार हुआ होता तो जनता को उसका सीधा लाभ दिखाई देता। उन्होंने सरकार से अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा के लिए केवल अभियान चलाने के बजाय स्थायी एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
ऑपरेशन प्रहार को लेकर सरकार और विपक्षी दलों के बीच जारी बयानबाजी के बीच अब इसकी वास्तविक उपलब्धियों और प्रभाव को लेकर बहस तेज हो गई है।
देवचंद उत्तराखण्डी, केंद्रीय महामंत्री यूकेडी
