March 2, 2026

अमेरिका-इजरायल का ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला: अली खामनेई, राष्ट्रपतिऔर सैन्य अधिकारियों को बनाया निशाना; ईरान ने अमेरिकी इजरायल के सैन्य अड्डो पर बैलेस्टिक मिसाइलों से किया जवाबी हमला,

Delhi 28 February 2026,

अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर फरवरी के आखिरी दिन बड़े पैमाने पर हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई ने को सरेंडर करने की चेतावनी दी है। जबकि इजरायल ने कहां है कि ईरान की खूनी सरकार को सत्ता से बेदखल किया जाएगा। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में सैन्य अड्डों और खुफिया प्रतिष्ठानों को टारगेट किया गया। वहीं पलटवार करते हुए ईरान ने एक साथ सात अलग-अलग देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सेना ने अपनी घातक बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिका और सहयोगी देशों पर जवाबी हमला किया है। मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका-इजरायल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई के आवास को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि बताया जा रहा है कि हमले के समय वह तेहरान में मौजूद नहीं थे। हमले से पहले उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसके अलावा ईरान के राष्ट्रपति के आवास और एक इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल ईरान की ओर से नहीं हुई है। राजधानी तेहरान के डाउनटाउन इलाके में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जुम्हूरी इलाके में कई मिसाइलें गिरीं, जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में दहशत फैल गई।

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई ‘प्री-एम्प्टिव अटैक’ है। उद्देश्य संभावित खतरों को पहले ही निष्क्रिय करना है। उनके मुताबिक यह हमला इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया। हमले के बाद तेहरान में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और कई इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। इजरायल ने भी संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए देशभर में आपातकाल लागू कर दिया है। स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद कर दिए गए हैं और एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

ईरान ने इजरायल और अमेरिका के हमलों का जवाब घातक बैलिस्टिक मिसाइलों से दिया है। करीब ईरान की ओर से एक साथ सात अलग-अलग देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान का यह हमला सबसे बड़े और व्यापक मिसाइल हमलों में से एक माना जा रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता पर हुए हमले का बदला लेने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

ईरान की मिसाइलों ने यूएई , इजरायल, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, जॉर्डन और कुवैत में स्थित अमेरिकी ठिकानों को भी अपना निशाना बनाया है। इन सभी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर एक के बाद एक कई धमाके हुए हैं। विशेष रूप से कतर और कुवैत जैसे देशों में, जहां अमेरिका की बड़ी सैन्य मौजूदगी है, वहां हालात बहुत तनावपूर्ण हो गए हैं। इजरायल में भी ईरानी मिसाइलों के पहुंचने के बाद सुरक्षा अलार्म बजने लगे और लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भागने लगे।

तीसरे विश्व युद्ध का खतरा बढ़ा,

ईरान के पलटवार के बाद अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सात देशों में एक साथ हमला करना इस बात का संकेत है कि, अब यह लड़ाई केवल दो देशों के बीच नहीं रही, बल्कि एक बड़े क्षेत्रीय या वैश्विक युद्ध में बदल रहा है।

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