June 24, 2026

यूपीसीएल नियामक आयोग उपभोक्ताओं को लौटाएगा 26 करोड़ रुपये, जाने क्यों

 

 

विभाग द्वारा कम दरों पर बाजार से बिजली खरीदने पर प्रदेश के 24 लाख बिजली उपभोक्ताओं को यूपीसीएल 26 करोड़ रुपये लौटाएगा। यह रकम अगस्त में निर्धारित से सस्ती दरों पर बिजली खरीद की एवज में अक्तूबर में आने वाले बिजली खर्च पर लौटाई जाएगी। यूपीसीएल प्रबंधन ने इसका आदेश जारी कर दिया है।

 

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग द्वारा पिछले दिनों एक आदेश जारी किया गया था जिसमें फ्यूल एंड पॉवर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) की व्यवस्था की गई थी। इसमें ये प्रावधान किया गया था कि अगर यूपीसीएल नियामक आयोग की ओर से तय दरों से अधिक पर बाजार से बिजली खरीदेगा तो अतिरिक्त रकम की वसूली उपभोक्ताओं से की जाएगी और अगर यूपीसीएल निर्धारित से कम दरों पर खरीदेगा तो उसी हिसाब से पैसा उपभोक्ताओं को लौटाएगा।

 

 

यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि अगस्त माह में उन्होंने निर्धारित से कम दरों पर बाजार से बिजली खरीदी थी, जिसके एवज में 26 करोड़ की राशि 24 लाख बिजली उपभोक्ताओं को लौटाई जाएगी।

 

इन श्रेणीयों के हिसाब लौटाई जाएगी रकम

 

बीपीएल सात पैसे प्रति यूनिट, आम उपभोक्ताओं को 17 पैसे प्रति यूनिट, अघरेलू उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट, सरकारी सार्वजनिक उपक्रमों को 24 पैसे प्रति यूनिट, प्राइवेट ट्यूबवेल को आठ पैसे, कृषि संबंधी गतिविधियों में 11 पैसे, एलटी-एचटी इंडस्ट्री को 24 पैसे, मिक्स लोड उपभोक्ताओं, रेलवे ट्रैक्शन को 22 पैसे और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन को 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से रकम लौटाई जाएगी।

 

वही अब अक्तूबर माह में उपभोक्ता जितने यूनिट बिजली इस्तेमाल करेंगे, उस पर ये छूट प्रति यूनिट के हिसाब से दी जाएगी। जो आम उपभोक्ताओं को 17 पैसे प्रति यूनिट तय की गई है। उदाहरण के लिए अगर किसी ने अक्तूबर में 300 यूनिट बिजली इस्तेमाल की थी तो उसे सीधे तौर पर 51 रुपये की छूट बिल में मिलेगी। अगर नया बिल 1000 का आता है तो उसे 949 रुपये का ही बिल भुगतान करना होगा।

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.