June 30, 2026

चारधाम परियोजना:भारत- चीन सीमा से सटी सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट ने दी अनुमति,केंद्र सरकार की जीत।

देहरादून,सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर चारधाम सड़क परियोजना (Chardham Road Project) के लिए डबल लेन (Dobule lane on Chardham Road Project) की अनुमति दे दी है. इसके साथ ही पूर्व जज जस्टिस ए. के. सीकरी (former Supreme Court judge AK Sikri ) की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मोदी सरकार के लिए राहत भरा है. सुप्रीम कोर्ट ने ऑल वेदर राजमार्ग परियोजना में सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की इजाजत दे दी जिसके बाद डबल लेन हाइवे बनाने का रास्ता साफ हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा  अदालत न्यायिक समीक्षा में सेना के सुरक्षा संसाधनों को तय नहीं कर सकती. कोर्ट ने कहा कि हाइवे के लिए सड़क की चौड़ाई बढ़ाने में रक्षा मंत्रालय की कोई दुर्भावना नहीं है.यह अनुमति मिलने के बाद चारधाम परियोजना के तहत भारत की चीन तक पहुंच और आसान हो जाएगी और किसी भी मौसम में भारतीय सेना चीन से सटी सीमाओं पर पहुंच सकेगी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हाईवे निर्माण के लिए सड़क की चौड़ाई बढ़ाने में रक्षा मंत्रालय की कोई दुर्भावना नहीं है। अदालत सशस्त्र बलों की ढांचागत जरूरतों का अनुमान नहीं लगा सकती है।

निगरानी करने के लिए बनाई गई समिति
सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सड़कों को डबल लेन तक चौड़ा करने की अनुमति के साथ ही परियोजना पर सीधे रिपोर्ट करने के लिए पूर्व न्यायमूर्ति एके सीकरी की अध्यक्षता में एक निरीक्षण समिति का गठन भी किया है। कोर्ट ने रक्षाा मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय, उत्तराखंड सरकार व सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि वह निगरानी समिति को पूरा सहयोग करेंगे।

हर मौसम में मिलेगी कनेक्टिविटी
केंद्र सरकार की चारधाम परियोजना का उद्देश्य यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करना है। 900 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की लागत 12 हजार करोड़ रुपये अनुमानित है। केंद्र सरकार ने अपनी याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया कि भारत-चीन वास्तवित नियंत्रण रेखा की ओर से जाने वाली सीमा सड़कों के लिए यह फीडर सड़कें हैं।

केंद्र सरकार परियोजना के तहत सड़कों की चौड़ाई 10 मीटर तक करना चाहती है। इसके लिए केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसके तहत कोर्ट से मांग की गई थी कि वह आठ सितंबर, 2020 को दिए अपने आदेश में संशोधन करे। इस आदेश के तहत सड़कों की चौड़ाई 5.5 मीटर तक सीमित करने का आदेश दिया गया था।

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