February 5, 2026

जनकवि गिरीश तिवारी ’ गिर्दा ’ को उनकी 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजली अर्पित की गई।

देहरादून 23 अगस्त 2022,

पटकथा लेखक ,गीतकार,गायक, निर्देशक एवं उत्तराखंड संस्कृति के रक्षक, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी , चिंतक जनकवि गिरीश तिवारी ’ गिर्दा ’ को उनकी 12वीं पुण्यतिथि पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा वर्चुल सभा के माध्यम से श्रद्धांजली अर्पित की गई।

इस दौरान स्व. गिरीश तिवारी ‘ गिर्दा’ ,के जीवन से जुड़ी घटनाओं व उनके कार्यो को याद याद किया गया। मंच के वरिष्ठ पदाधिकारी जगमोहन सिंह नेगी व जयदीप सकलानी ने कहा कि गिर्दा राज्य आंदोलन से लेकर और अपने जीवन के अंतिम क्षण तक प्रदेश और समाज को जगाने का और बचाने का कार्य करते रहे। प्रदीप कुकरेती एवं रामलाल ने स्मरण करते हुए कहा कि उनकी कविताओं से राज्य आंदोलन में तो लोग प्रेरित होकर घरों से बाहर तो आए ही बल्कि इस राज्य की वर्तमान दशा पर चिंता भी उनकी पंक्तियों ने पहले ही बयां कर दी थी।

राज्य आंदोलनकारी मंच ने सरकार से मांग की कि गिर्दा की कविताओं को शीघ्र पाठ्यक्रम में जोड़ा जाए साथ ही उनकी जीवनी से जुड़े तथ्य पुस्तिकालयो में रखा जाए।

आज श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालो में मुख्यत प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी , जयदीप सकलानी , ओमी उनियाल , रामलाल खंडूड़ी , प्रदीप कुकरेती , वेदा कोठारी , सुरेश नेगी , राकेश नोटियाल , प्रेम सिंह नेगी , बीर सिंह रावत , सतेन्द्र नोगाइ , वीरेंद्र गुसाई , चन्द्र किरण राणा , गौरव खंडूड़ी , सतेन्द्र भंडारी , हेमन्त मंझखोला , सुदेश सिंह , वीरेंद्र सकलानी , राधा तिवारी , पुष्पलता सिलमांना , सुलोचना भट्ट , द्वारिका बिष्ट , सुलोचना गुसाईं एवम लक्ष्मी बिष्ट रहे।

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