यूजेवीएनएल निदेशक मंडल की बैठक में इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज परियोजना सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी
यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 136वीं बैठक आज सचिवालय में मुख्य सचिव एवं निगम के अध्यक्ष आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में निगम की प्रमुख ऊर्जा परियोजनाओं, वित्तीय प्रबंधन और कार्मिक हितों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा के बाद उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। निगम के अनुसार, इस परियोजना से पीक आवर्स यानी बिजली की अधिकतम मांग के समय प्रतिवर्ष लगभग 1,246 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का अनुमान है। परियोजना के क्रियान्वयन से राज्य की अधिकतम मांग के समय बिजली की जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
पंप्ड स्टोरेज तकनीक के माध्यम से कम मांग के समय अतिरिक्त बिजली का उपयोग पानी को ऊंचाई पर स्थित जलाशय तक पहुंचाने में किया जाता है। इसके बाद बिजली की मांग बढ़ने पर पानी को नीचे छोड़कर टरबाइन के माध्यम से विद्युत उत्पादन किया जाता है। इस तकनीक से ऊर्जा का भंडारण कर जरूरत के समय उसका उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, सौर ऊर्जा सहित अन्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों से उपलब्ध अतिरिक्त बिजली का बेहतर इस्तेमाल करने और विद्युत ग्रिड में मांग एवं आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
बैठक में 300 मेगावाट क्षमता की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के विद्युत यांत्रिक कार्यों से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, परियोजना के विभिन्न हाइड्रो-मैकेनिकल कार्यों की निविदाएं तैयार करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इन निर्णयों से परियोजना के आगामी कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
निदेशक मंडल ने कार्मिक हितों से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए। पेंशन योजना के लाभ से आच्छादित नहीं होने वाले कार्मिकों के लिए अनुग्रह क्षतिपूर्ति धनराशि से संबंधित प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।
इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वैधानिक लेखापरीक्षक की नियुक्ति और वित्तीय वर्ष 2025-26 की लागत लेखापरीक्षा रिपोर्ट को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में लिए गए इन निर्णयों से निगम की ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने, वित्तीय प्रक्रियाओं को मजबूत करने और कार्मिक हितों से जुड़े विषयों पर आवश्यक कार्रवाई को गति मिलने की उम्मीद है।
