June 24, 2026

जन सुरक्षा योजनाएं नागरिकों की भलाई लिए समर्पित:केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन।

देहरादून 09 मई 2023,

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) ने जन सुरक्षा प्रदान करने के 8 वर्ष पूरे हो गए हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि ये तीन जन सुरक्षा योजनाएं नागरिकों की भलाई लिए समर्पित हैं और अप्रत्याशित जोखिमों, हानियों और वित्तीय अनिश्चितताओं के खिलाफ मानव जीवन को सुरक्षा प्रदान करती हैं

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड ने जन सुरक्षा योजनाओं के कवरेज को और बढ़ाने के लिए इससे जुड़े (फील्ड स्तर) पदाधिकारियों को प्रोत्साहित किया

प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

जन सुरक्षा योजनाओं की विशेषताओं और उपलब्धियों पर एक नजर:-

1. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना।

योजना: पीएमजेजेबीवाई एक साल की जीवन बीमा योजना है जो किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु को कवर करती है। इसका साल-दर-साल नवीकरण किया जाता है।

पात्रता: 18-50 वर्ष के आयु वर्ग के व्यक्ति जिनके पास एक व्यक्तिगत बैंक या डाकघर खाता है, योजना के तहत नामांकन के लिए पात्र हैं। 50 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले योजना में शामिल होने वाले लोग नियमित प्रीमियम के भुगतान पर 55 वर्ष की आयु तक जीवन के जोखिम को जारी रख सकते हैं।

लाभ: 436/- रुपये प्रति वर्ष की प्रीमियम पर किसी भी कारण से मृत्यु के मामले में 2 लाख रुपये का जीवन कवर।

नामांकन: योजना के तहत नामांकन खाताधारक के बैंक की शाखा/बीसी पॉइंट या बैंक की वेबसाइट पर जाकर या डाकघर बचत बैंक खाते के मामले में डाकघर में किया जा सकता है। योजना के तहत प्रीमियम खाताधारक के एकमुश्त शासनादेश के आधार पर ग्राहक के बैंक खाते से हर साल ऑटो डेबिट किया जाता है। योजना और प्रपत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी (हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में) https://jansuraksha.gov.in पर उपलब्ध है।

उपलब्धियां: 26.04.2023 तक, योजना के तहत कुल नामांकन 16.19 करोड़ से अधिक हो गए हैं और 6,64,520 दावों के लिए 13,290.40 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

2. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

योजना: पीएमएसबीवाई एक साल की दुर्घटना बीमा योजना है जो दुर्घटना के कारण मृत्यु या दिव्यांगता के लिए कवरेज प्रदान करती है और यह साल-दर-साल नवीकरणीय है।

पात्रता: 18-70 वर्ष के आयु वर्ग के व्यक्ति जिनके पास एक व्यक्तिगत बैंक या डाकघर खाता है, योजना के तहत नामांकन के लिए पात्र हैं।

लाभ: दुर्घटना के कारण मृत्यु या दिव्यांगता के लिए 20/- रुपये प्रति वर्ष की प्रीमियम पर 2 लाख रूपये (आंशिक विकलांगता के मामले में रु. 1 लाख) का दुर्घटना मृत्यु सह विकलांगता कवर मिलता है।

नामांकन: योजना के तहत नामांकन खाताधारक के बैंक की शाखा/बीसी प्वाइंट या बैंक की वेबसाइट पर या डाकघर बचत बैंक खाते के मामले में डाकघर में जाकर किया जा सकता है। योजना के तहत प्रीमियम खाताधारक के एकमुश्त शासनादेश के आधार पर ग्राहक के बैंक खाते से हर साल ऑटो डेबिट किया जाता है। योजना और प्रपत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी (हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में) https://jansuraksha.gov.in पर उपलब्ध है।

उपलब्धियां: 26.04.2023 तक, योजना के तहत कुल नामांकन 34.18 करोड़ से अधिक और 1,15,951 दावों के लिए 2,302.26 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

3. अटल पेंशन योजना (एपीवाई)

पृष्ठभूमि: अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सभी भारतीयों, विशेष रूप से गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली बनाने के लिए शुरू की गई थी। यह असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और उनके भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार की एक पहल है। एपीवाई का प्रबंधन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के समग्र प्रशासनिक और संस्थागत ढांचे के तहत पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) करता है।

पात्रता: एपीवाई 18 से 40 वर्ष की आयु के सभी बैंक खाताधारकों के लिए खुला है जो आयकर दाता नहीं हैं और चुने गए पेंशन राशि के आधार पर देय योगदान अलग-अलग हैं।

लाभ: इस योजना में शामिल होने के बाद ग्राहक द्वारा किए गए योगदान के आधार पर उनकी 60 वर्ष की आयु के बाद ग्राहकों को गारंटीशुदा न्यूनतम मासिक पेंशन 1000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये या 5000 रुपये मिलती है।

योजना के लाभों का संवितरण: इसके तहत मासिक पेंशन ग्राहक को मिलेगी, और उसके बाद उसके पति या पत्नी को और फिर उन दोनों की मृत्यु के बाद ग्राहक की 60 वर्ष की आयु में संचित पेंशन राशि, ग्राहक के नामांकित व्यक्ति को वापस कर दी जाएगी।

ग्राहक की असामयिक मृत्यु (60 वर्ष की आयु से पहले मृत्यु) के मामले में, ग्राहक का पति या पत्नी शेष निहित अवधि के लिए ग्राहक के एपीवाई खाते में योगदान जारी रख सकते हैं, जब तक कि मूल ग्राहक की उम्र 60 वर्ष पूरी न हो जाए।

केंद्र सरकार द्वारा योगदान: न्यूनतम पेंशन की गारंटी सरकार द्वारा दी जाएगी, अर्थात, यदि योगदान के आधार पर संचित राशि निवेश पर अनुमानित रिटर्न से कम होती है और न्यूनतम गारंटी पेंशन प्रदान करने के लिए अपर्याप्त है, तो केंद्र सरकार ऐसी अपर्याप्तता को पूरा करने के लिए फंड देगी। वैकल्पिक रूप से, यदि निवेश पर प्रतिफल अधिक है, तो अभिदाताओं को बढ़ा हुआ पेंशन लाभ मिलेगा।

भुगतान आवृत्ति: ग्राहक मासिक / तिमाही / छमाही आधार पर एपीवाई में योगदान कर सकते हैं।

योजना से निकासी: सरकारी सह-योगदान और उस पर वापसी/ब्याज की कटौती पर कुछ शर्तों के अधीन सदस्य स्वैच्छिक रूप से एपीवाई से बाहर निकल सकते हैं।

उपलब्धियां: 27.04.2023 तक 5 करोड़ से अधिक लोगों ने योजना की सदस्यता ली है।

 

 

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