June 24, 2026

ओवरटेक करने के चक्कर में उत्तराखंड रोडवेज की बस ने वाहन सवारों को कुचला, दो की मौत

 

उत्तराखंड रोडवेज की एक बस ने ओवरटेक करने के चक्कर में दो लोगों की जान ले ली और एक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। हादसा हरिद्वार के ढंडेरा में हुआ। मृतकों में टीकाराम कापड़ी और पंकज शामिल हैं। घायल आकाश को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुस्साई भीड़ ने मौके पर जाम लगाकर हंगामा किया।

 

उत्तराखंड परिवहन निगम की बेकाबू बस ने वाहनों को ओवरटेक करने के चक्कर में दो लोगों की जान ले ली। हादसे में एक व्यक्ति गंभीर घायल भी हुआ, जिसका उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। तीनों व्यक्ति अलग-अलग बाइक और स्कूटर पर सवार थे। हादसे के बाद आक्रोशित भीड़ ने मौके पर जाम लगाकर खूब हंगामा किया और काफी देर तक पुलिस को शव नहीं उठाने दिया।

 

सीओ समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह लोगों को शांत कराया। इसके बाद जाम खुल सका। पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानंद ने सिविल अस्पताल पहुंचकर मृतकों के स्वजन को ढाढस बंधाया और अधिकारियों को फोन पर फटकार लगाई। आरोपित चालक हादसे के बाद बस छोड़कर भाग निकला।

 

घटना ढंडेरा में मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे हुई। ऋषिकेश डिपो की एक बस बाईपास होते हुए रुड़की की तरफ आ रही थी। ढंडेरा में पेट्रोल पंप के पास बस चालक ने अन्य वाहनों को ओवरटेक करने के लिए गति बढ़ा दी। इसी दौरान बस ने आगे चल रही दो बाइक और एक स्कूटी को चपेट में ले लिया। इससे स्कूटी सवार टीकाराम कापड़ी (60) निवासी शिवाजीनगर ढंडेरा की मौके पर ही मौत हो गई।

बाइक से जा रहे पंकज (28) निवासी ग्राम मथाना, खानपुर, लक्सर और आकाश निवासी मोहनपुरा, सिविल लाइंस रुड़की भी बुरी तरह लहूलुहान हो गए। पुलिस ने पंकज को रुड़की के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। आकाश के दोनों पैर टूटे हैं, उनको एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 

इधर, घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने टीकाराम के शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो वहां एकत्र भीड़ आक्रोशित हो गई और हंगामा करते हुए हाईवे पर यातायात रोक दिया।

पुलिसकर्मियों ने इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। इस पर सीओ नरेंद्र पंत व प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद शव कब्जे में लिया गया। सीओ नरेंद्र पंत ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

 

 

बेटी को बस में बिठाकर लौट रहे थे टीकाराम

हादसे में जान गंवाने वाले टीकाराम की चार पुत्रियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। एक बेटी अपने बच्चों के साथ यहीं मायके में रहकर देहरादून में नौकरी करती है। लोगों ने बताया कि टीकाराम बेटी को देहरादून की बस में बिठाकर घर आ रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया।

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