प्रभारी सचिव डॉ. वी. षणमुगम ने की विकास कार्यों और आपदा तैयारियों की समीक्षा
उत्तरकाशी। जिले के प्रभारी सचिव डॉ. वी. षणमुगम ने बुधवार को उत्तरकाशी में विकास कार्यों की प्रगति, मानसून पूर्व आपदा प्रबंधन तैयारियों और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को परस्पर समन्वय और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावितों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में प्रभारी सचिव ने मानसून पूर्व आपदा प्रबंधन की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, बीआरओ, लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में मशीनों की उपलब्धता और सड़क मार्गों को सुचारू बनाए रखने की तैयारियों की जानकारी ली। इसके साथ ही अग्रिम तीन माह के राशन भंडारण, मौसम विभाग की अर्ली वार्निंग प्रणाली, जनपद में हेलिपैड की स्थिति एवं संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
डॉ. षणमुगम ने राज्य पोषित, केंद्र पोषित, जिला योजना, नाबार्ड पोषित तथा बाह्य सहायित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभाग विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करें और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने सिंचाई, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, कृषि, समाज कल्याण, उद्यान, पर्यटन और लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने 100 डे टीबी अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। आगामी मानसून को देखते हुए गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार रखने और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। महिला एवं बाल विकास विभाग से आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की जानकारी भी ली गई।
बैठक में प्रभारी सचिव ने ई-ऑफिस प्रणाली के शत-प्रतिशत उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि यह सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वहीं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने ई-ऑफिस संचालन में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सभी विभागों को 30 जून तक इसका पूर्ण संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा तक व्यवस्था लागू न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान प्रभारी सचिव ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक भी वितरित किए। कृषि विभाग के स्वयं सहायता समूहों, ग्रामोत्थान परियोजना के लाभार्थियों, आजीविका मिशन से जुड़े परिवारों और जिला सहकारी बैंक के लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान की गई। इसके बाद उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वयं सहायता समूहों और एनआरएलएम की प्रगति की जानकारी देते हुए जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत किया।
