लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी पार्टियां पेश करेगी अविश्वास प्रस्ताव: सचिवालय महासचिव को सौंपा नोटिस, Opposition parties against Lok Sabha
Delhi 10 February 2025,
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी पार्टियां अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा महासचिव को इस संबंध में नोटिस सौंप दिया, जिससे संसद में सत्ताधारी और विपक्ष के बीच टकराव और गहरा गया है। कांग्रेस के मुख्य व्हिप के. सुरेश और व्हिप जावेद अहमद ने यह नोटिस सौंपा।
लोकसभा सचिवालय सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर 100 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर हैं, जिसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी , द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अन्य विपक्षी दल शामिल हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने कहा, ” अविश्वास प्रस्ताव पर तृणमूल कांग्रेस तभी हस्ताक्षर करेंगे, जबकि कांग्रेस हमारे चार मुद्दों पर स्पीकर को पत्र भेजकर जवाब मांगेगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला पर विपक्ष के मुख्य आरोप:-
*लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का पक्षपाती व्यवहार।
*लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं देना।
*हाल ही में 8 विपक्षी सांसदों को अनुशासनहीनता के आरोप में शेष सत्र के लिए निलंबित करना।
*लोकसभा अध्यक्ष का ठोस जानकारी का दावा, कि कांग्रेस के सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट की ओर जा सकते हैं और “कुछ अप्रत्याशित कार्य” कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री को सदन में न आने की सलाह दी। विपक्ष ने इस दावे को आधारहीन और पक्षपातपूर्ण बताता।
*कांग्रेस की महिला सांसदों (प्रियंका गांधी वाड्रा, ज्योतिमणि आदि) ने स्पीकर को पत्र लिखकर कहा कि वे “पीएम की जन-विरोधी सरकार” के खिलाफ लड़ने के कारण निशाना बनाई जा रही हैं।
संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए कम से कम 14 दिनों का नोटिस आवश्यक है। इसलिए यह प्रस्ताव सत्र के दूसरे भाग 9 मार्च में चर्चा के लिए आ सकता है। यदि बहुमत से पारित होता है, तो स्पीकर को हटाया जा सकता है। विपक्ष अब स्पीकर से निलंबन वापस लेने, राहुल गांधी को बोलने का मौका देने और पक्षपातपूर्ण टिप्पणियों को हटाने की मांग कर रहा है।
