सोनम वांगचुक को राहत केंद्र ने हटाया एनएसए; जोधपुर जेल से हुए रिहा,
Delhi 14 March 2026,
न्यायिक हिरासत में जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। लद्दाख में राज्य के दर्जे की मांग और विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया। सोनम वांगचुक का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
वांगचुक को पिछले साल 24 सितंबर को लेह में राज्य के दर्जे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सरकार का कहना है कि, क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न होने के कारण सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया था।
सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी आन्दोलनकारीयों के साथ सार्थक बातचीत संभव हो सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की एनएसए के तहत हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार ने यह भी दोहराया कि लद्दाख की सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे।
सोनम वांगचुक का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन था, लेकिन सुनवाई टाल दी गई। वांगचुक को पिछले साल 24 सितंबर को लेह में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न होने के कारण हिरासत में लिया गया था। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी। सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता की तबीयत बिगड़ने के कारण सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
सोनम वांगचुक जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून हटाने के साथ उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया। वांगचुक को लगभग 170 दिनों तक जेल में रखा गया था। वांगचुक ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि वे एक्टिविज़्म से पीछे नहीं हटेंगे।
