इस्राइल-अमेरिका और ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रभावित देशों से इस लड़ाई में अमेरिका के साथ वॉरशिप और सेना भेजने की अपील,
Delhi 14 March 2026,
इस्राइल-अमेरिका और ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश से प्रभावित देशों से अपील की है कि, इस लड़ाई में वे अमेरिका के साथ वॉरशिप और सेना भेजेंगे, ताकि यह पक्का हो सके कि होर्मुज स्ट्रेट वॉटर वे खुला और सुरक्षित रहे। ट्रंप का दावा है किया “ईरान की मिलिट्री कैपेबिलिटी खत्म कर दी है,” लेकिन चेतावनी दी कि ईरान अभी भी ड्रोन, माइंस या कम दूरी की मिसाइलों से शिपिंग में रुकावट डालने की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर संदेश,
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कई देश, खासकर वे जो ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश से प्रभावित हो रहे हैं, अमेरिका के साथ मिलकर इस क्षेत्र में युद्धपोत भेजेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य प्रभावित देश भी इस मिशन में शामिल होंगे, ताकि इस समुद्री मार्ग को खुला और सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, साउथ कोरिया और यूके जैसे देशों से इस इलाके में सेना भेजने की अपील की, और कहा कि इससे स्ट्रेट “एक ऐसे देश से खतरा नहीं रहेगा जिसका सिर पूरी तरह से खत्म हो चुका है।
अपने ट्रुथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, यूनाइटेड स्टेट्स ने पहले ही “ईरान की 100 फीसदी मिलिट्री कैपेबिलिटी” को खत्म कर दिया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अभी भी कुछ हद तक हमले कर सकता है जिससे पानी के रास्ते में शिपिंग में रुकावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि ईरान स्ट्रेट के साथ या उसके अंदर ड्रोन, सी माइन या कम दूरी की मिसाइल जैसे छोटे खतरे तैनात कर सकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी कार्रवाइयों से रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को अभी भी खतरा हो सकता है।
ट्रंप ने कहा, “हम जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट को खोल, सुरक्षित और फ्री कर देंगे,” और कहा कि स्थिति किसी न किसी तरह से हल हो जाएगी।
ईरान की अमेरिका से जुड़े ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाने की धमकी,
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाने की धमकी दोहराई है। यह सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि खाड़ी के देशों, खासकर उन देशों के लिए गंभीर चेतावनी है जहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है या अमेरिकी ऊर्जा हित जुड़े हुए हैं। रॉयटर्स ने भी बताया कि ईरान ने यूएई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर चेतावनी दी है, और क्षेत्रीय तनाव अब सिर्फ ईरान-अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर ऊर्जा बाजार, शिपिंग, बीमा लागत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
