April 2, 2026

इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने हिज्बुल्लाह के बड़े कमांडर यूसुफ इस्माइल हाशेम को इजरायल डिफेंस फोर्सेजत ने मारने का दावा किया,

Delhi 01 April 2026,

दिल्ली,(आईएएनएस) इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ)ने दावा किया है कि उग्रवादी संगठन हिज्बुल्लाह के बड़े कमांडर यूसुफ इस्माइल हाशेम को मार दिया है। आईडीएफ ने बुधवार को बताया कि हमला बेरूत में हुआ था, हालांकि हिजबुल्लाह की तरफ से अभी तक इस पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है।

इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के अनुसार, मंगलवार को इजरायली नौसेना के सैनिकों ने बेरूत में, हिज्बुल्लाह की दक्षिणी फ्रंट यूनिट के कमांडर हज यूसुफ इस्माइल हशेम को निशाना बनाते हुए हमला किया। जिसमें कमांडर हज यूसुफ इस्माइल हशेम मारा गया। इजरायल सेना ने बताया कि, हिजबुल्लाह का दक्षिणी फ्रंट यूनिट ” दक्षिणी लेबनान में “आईडीएफ सैनिकों के खिलाफ हिंसक अभियान” चलाने के लिए जिम्मेदार था। आईडीएफ के अनुसार ये हिज्बुल्लाह के लिए बड़ा झटका है क्योंकि हाशेम को 40 साल का अनुभव था।

हाशेम हिजबुल्लाह के “मुख्य स्तंभों” में से एक थे। उन्होंने दक्षिणी लेबनान में संगठन की सारी सैन्य गतिविधियां संभाली हुई थीं। दक्षिणी मोर्चे की पूरी कमान हाशेम ने संभाली हुई थी। इसमें शामिल थे-नासिर, अजीज और बदर यूनिट्स। ये यूनिट्स आईडीएफ सैनिकों से सीधे मुकाबला करने और इजरायली इलाकों में रॉकेट यूएवी (ड्रोन) हमले करने के लिए मशहूर थीं।

इजरायली नागरिकों पर हमले: आईडीएफ के मुताबिक, हाशेम ने सालों से (खासकर हाल के महीनों में) इजरायली नागरिकों और सैनिकों के खिलाफ हजारों आतंकी हमलों की प्लानिंग और एक्जीक्यूशन की कमान संभाली थी।

** वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात संयुक्त रूप से ईरान पर जमीनी हमला करने की तैयारी कर रहे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने से यूएई को पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है। अगर ऐसा होता है, तो यूएई ईरान के साथ सीधे जंग में हिस्सा लेने वाला पहला फारस की खाड़ी का देश बन जाएगा।

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को सत्ता से बाहर करते हुए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सत्ता अपने हाथों में ले ली है। उसने राज्य के अहम कामकाज पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद उदारवादी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन पूरी तरह से सत्ता से बेदखल हो गए हैं।

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले गुरुवार को राष्ट्रपति पेजेश्कियनने एक नया खुफिया मंत्री नियुक्त करने की कोशिश की थी लेकिन आईआरजीसी ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। आईआरजीसी के मुख्य कमांडर अहमद वाहिदी ने दखल देते हुए हुसैन देहगान सहित सभी प्रस्तावित उम्मीदवारों को खारिज कर दिया। इसके अलावा आईआरजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों से बनी एक “सैन्य परिषद” अब रोजाना के फैसले ले रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने हालिया सयम में मोजतबा खामेनेई से आपातकालीन मुलाकात की कई बार कोशिशें की हैं लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पा रही है। मोजतबा खामेनेई ने सुप्रीम लीडर बनने के बाद कुछ बयान ही जारी किए हैं वो अभी तक दिखाई नहीं दिए हैं। सूत्रों ने रिपोर्ट में यह भी बताया है कि आईआरजीसीसी ने के सीनियर अधिकारियों से बनी एक परिषद केंद्रीय फैसला लेने वाली संरचना पर नियंत्रण रख रही है और सुप्रीम लीडर के ऑफिस तक पहुंच को मैनेज कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस व्यवस्था ने सरकार के अहम अपडेट्स को खामेनेई तक पहुंचने से रोक दिया है जिससे राज्य के मामलों पर IRGC का प्रभाव और मजबूत हो गया है।

 

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