द हेग लिविंग सिंबल ऑफ इंडियन फ्रेंडशिप बन गया है: नीदरलैंड के हेग में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,
Delhi 16 May 2026,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 और 16 मई को दो-दिवसीय
पांच देशों की (यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) विदेश यात्रा पर हैं। 16 मई 2026 को नीदरलैंड के हेग में आयोजित भव्य कम्यूनिटी इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज यहां जो माहौल है, उसे देखकर लग रहा है कि द हेग लिविंग सिंबल ऑफ इंडियन फ्रेंडशिप बन गया है। ये दिखाता है कि पासपोर्ट का रंग बदल सकता है, एड्रेस बदल सकता है और टाइम जोन भी बदल सकता है लेकिन मां भारती की संतानों की गर्मजोशी और जिंदगी का जश्न मनाने का जज्बा हमेशा साथ रहता है। पीएम ने अपने संबोधन में उर्जा संकट से आने वाली मुश्किल पर भी चेताया है।
आज 16 मई है और ये दिन एक और वजह से बहुत विशेष है। आज से 12 वर्ष पहले 16 मई 2014 में कुछ खास हुआ था। 2014 में आज के ही दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे। दशकों बाद भारत में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार का बनना पक्का हुआ था। एक वो दिन था और एक आज का दिन है कोटि-कोटि भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है और न थकने देता है। ये नॉन स्टॉप चले ही जा रहा है। आज हमारा भारत भी बहुत बड़े सपने देख रहा है। आज देश कह रहा है – हमें सिर्फ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं चाहिए हमें बेस्ट चाहिए। और हमें बेस्ट ही नहीं हमें फास्टेस्ट चाहिए। और इसलिए जब भारत में एस्पिरेशन अनलिमिटेड हैं, तो एफर्ट्स भी लिमिटलेस हो रहे हैं। इसीलिए ही भारत का स्टार्ट सब इकोसिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है अब हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्ट अप इकोसिस्टम वाले देश हैं। हमारे एफर्ट्स की स्केल भी उतनी ही बड़ी है। रिकॉर्ड हाईवे कंस्ट्रक्शन, रिकॉर्ड रेल इलेक्ट्रिफिकेशन , वंदे भारत जैसी सेमी-हाइस्पीड ट्रेनें, और दुनिया का इतना बड़ा रिन्यूएबल एक्सपेंशन, बड़े से बड़ा लक्ष्य हो, आज का भारत कहता है हम ये लक्ष्य पाकर ही रहेंगे। और हम ये करके दिखा रहे हैं। स्टार्ट अप तो, आज भारत के युवाओं का मिज़ाज बन चुका है। बारह साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्ट-अप्स थे, आज ये संख्या बढ़कर 2 लाख से ज्यादा हो गई है। और स्टार्टअप के दुनिया में भी, 2014 में भारत में सिर्फ चार यूनिकॉर्न थे। आज भारत में करीब सवा सौ एक्टिव यूनिकॉर्न हैं। 2025 में ही, करीब 44 हजार और नए स्टार्टअप रजिस्टर हुए हैं। आज एआई, डिफेंस और स्पेस सेक्टर में हमारे स्टार्ट अप्स बहुत ही शानदार काम कर रहे हैं। समय के साथ, रिसर्च और इनोवेशन का ये कल्चर और विराट होता जा रहा है। पिछले वर्ष ही भारत में सवा लाख से अधिक पेटेंट्स फाइल किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा भारत चिप मेकिंग में, सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी बड़े कदम उठा रहा है। अभी भारत में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर काम चल रहा है। इनमें से दो प्लांट्स में प्रोडक्शन भी शुरु हो चुका है। यानि अब चिप भी, डिजाडन्ड इन इंडिया, मेड इन इंडिया होगी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भारत और नीदरलैंड के बीच खेल, रक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार में बढ़ते संबंधों को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने नीदरलैंड के समाज और अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय द्वारा किए गए महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। यह कार्यक्रम उनकी पांच देशों की विदेश यात्रा (यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) के दूसरे चरण का एक प्रमुख हिस्सा था।
प्रधानमंत्री ने 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात की आधिकारिक यात्रा की। हवाई अड्डे पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान ने उनकी अगवानी की और उनका समारोहपूर्वक स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों पर भारत की ओर से कड़ी निंदा और वहां के नेतृत्व एवं लोगों के प्रति भारत की एकजुटता दोहराई। प्रधानमंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित पारगमन और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने के पक्ष में भारत की स्पष्ट स्थिति सामने रखी, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के साथ ही ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, फिनटेक, अवसंरचना, शिक्षा, संस्कृति और आपसी जन-संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी सुदृढ़ होने का स्वागत किया। उन्होंने भारत- संयुक्त अरब अमीरात व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) की सफलता की भी चर्चा की जिससे द्विपक्षीय व्यापार नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है।

यूएई की यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापक ऊर्जा साझेदारी के लिए नई पहल को बढ़ावा देने पर सहमति जताई। इसी संदर्भ में, उन्होंने इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्वस लिमिटेड (आईएसपीआरएल) और अबू धाबी के राष्ट्रीय पेट्रोलियम कंपनी के बीच रणनीतिक सहयोग समझौते का स्वागत किया, जिसके तहत भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में संयुक्त अरब अमीरात की हिस्सेदारी 30 मिलियन बैरल तक बढ़ाई जाएगी और भारत में रणनीतिक गैस भंडार स्थापित करने के लिए दोनों मिलकर काम करेंगे। उन्होंने दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और अबू धाबी राष्ट्रीय पेट्रोलियम कंपनी (एडीएएनओसी) के बीच हुए समझौते का भी स्वागत किया।
दोनों नेताओं ने संयुक्त अरब अमीरात की कंपनियों द्वारा भारत में 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा का स्वागत किया। इसमें अमीरात न्यू डेवलपमेंट बैंक द्वारा RBL बैंक ऑफ इंडिया में 3 अरब डॉलर का निवेश, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी द्वारा राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) के साथ भारत में प्राथमिकता वाली ढांचेगत परियोजनाओं में 1 अरब डॉलर का निवेश और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा भारत की सम्मान कैपिटल में 1 अरब डॉलर का निवेश शामिल है। ये निवेश भारत के विकास के प्रति संयुक्त अरब अमीरात की निरंतर और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता रेखांकित करते हैं और द्विपक्षीय रणनीतिक निवेश साझेदारी को भी सुदृढ़ बनाते हैं।
