सुप्रीम कोर्ट ने 2003 के कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में दोषसिद्ध रोहित चतुर्वेदी की सजा को किया माफ,
Delhi, 15 May 2026,
सुप्रीम कोर्ट ने 2003 के कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में बड़ा फैसला किया है। कोर्ट ने दोषसिद्ध रोहित चतुर्वेदी को राहत देते हुए सजा माफ कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार की उस चिट्ठी को रद्द कर दिया, जिसमें चतुर्वेदी की रिहाई की सिफारिश खारिज की गई थी।
जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने गृह मंत्रालय के 9 जुलाई 2025 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें उत्तराखंड सरकार की समयपूर्व रिहाई की सिफारिश ठुकरा दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि चतुर्वेदी पहले से जेल से बाहर हैं। इसलिए उन्हें दोबारा सरेंडर करने की जरूरत नहीं है। अदालत ने कहा कि अपराध एक बात है और सुधार दूसरी।
यह मामला 9 मई 2003 को कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या से जुड़ा है. उस समय वह सात महीने की गर्भवती थीं. लखनऊ स्थित उनके घर में गोली मारकर हत्या की गई थी. बाद में जांच सीबाआई ने संभाली सीबीआई के अनुसार हत्या की साजिश में पूर्व मंत्री अमरमणि उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी, रोहित चतुर्वेदी और अन्य लोग शामिल थे. 2007 में देहरादून की ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में उत्तराखंड हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा।
