28 फरवरी से अब तक 7,02,000 से अधिक यात्री भारत लौटे,पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना दर्ज नहीं,
Delh, 05 March 2026,
भारत सरकार पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति को देखते हुए प्रमुख क्षेत्रों में तैयारी और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से तत्पर है। निम्नलिखित अद्यतन जानकारी ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को सहायता प्रदान करने के लिए इन क्षेत्रों में किए जा रहे उपायों के बारे में बताती है:
ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता
होर्मुेज जलडमरूमध्य के आसपास सहित बदलती स्थिति को ध्यान में रखते हुए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सुचारू और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय करना जारी रखे हुए है।
जन परामर्श एवं नागरिकों में जागरूकता
सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी करने के साथ-साथ एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग से बचें। इसके साथ ही वे अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। एलपीजी के लिए, नागरिकों से कहा गया है कि, वे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और जब तक आवश्यक न हो एलपीजी वितरकों के पास जाने से बचें। नागरिकों को जहां तक संभव हो, पीएनजी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने वर्तमान स्थिति में, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक प्रयास करें। जैसेसरकार की तैयारी और आपूर्ति के लिए प्रबंधन उपाय। इस युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद, सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई युक्तियुक्त उपाय पहले ही लागू किए हैं जिनमें रिफाइनरी में उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन विकल्प पेश किए गए हैं।
कोयला मंत्रालय ने पहले ही कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं को कोयला वितरित करने के लिए राज्यों को अधिक मात्रा में कोयला आबंटित करने का आदेश जारी कर दिया है।
राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शनों को सुगम बनाने की सलाह दी गई है। हाल ही में, सचिव, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अपर मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति) के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए उपायों के बारे में बताया गया। राज्यों को निर्देश दिया गया कि वे एलपीजी वितरण को प्राथमिकता दें, विशेष रूप से घरेलू और आवश्यक जरूरतों के लिए, साथ ही जमाखोरी, हेराफेरी और गलत सूचना पर निगरानी रखें। प्रवासी श्रमिकों को एफटीएल एलपीजी आपूर्ति से संबंधित रिपोर्टों पर राज्यों ने स्पष्ट किया कि एलपीजी आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं है जिससे प्रवासी प्रभावित हों और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। सचिव ने बताया कि राज्य स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर ओएमसी के साथ मिलकर 5 किलो एफटीएल एलपीजी सिलेंडरों के लक्षित वितरण का प्रबंधन करने पर विचार कर सकते । नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई। पते के प्रमाण के बिना 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हैं; कल 90,000 से अधिक सिलेंडर बेचे गए हैं। मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में तेजी आई है। पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना दर्ज नहीं की गई है। विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। वायु यातायात की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है; 28 फरवरी से अब तक 7,02,000 से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं
