ईरान-अमेरिका के प्रतिनिधि मंडलों के बीच वार्ता रही बेनतीजा:अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले,ईरान ने हमारी बातचीत नहीं मानी,
Delhi 12 April 2026,
ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों के सीजफायर का ऐलान होने के बाद पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका के प्रतिनिधि मंडलों के बीच लंबी वार्ता हुई। लेकिन दोनों में कोई सार्थक बात नहीं बनी। इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली दोनों देशों के प्रतिनिधि मंडलों की वार्ता बी नतीजा रही अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कई मुद्दों पर वार्ता हुई लेकिन वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विशेष दूत स्टीव विकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुश्नर शामिल हैं, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद भी हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और वरिष्ठ राजनयिक अली बगेरी कानी शामिल हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह पक्का करना है कि इस्लामिक रिपब्लिक के पास न्यूक्लियर हथियार न हो। साथ ही ईरान ने भी वार्ता को लेकर सकारात्मकता दिखाई है। लेकिन कहा है कि वह अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकते हैं। पहले यह बातचीत सीधे नहीं, बल्कि मध्यस्थता में हुई। ईरान पहले अमेरिकी लीडर्स से सीधे बातचीत के लिए तैयार नहीं था। दोनों देशों के प्रतिनिधि मंडल अलग कमरे में बैठे रहे हैं और पाकिस्तान ने मैसेज मध्यस्थता की। इसके बाद आमने-सामने बैठकर वार्ता हुई।
ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता इस्लामाबाद के सेरेना होटल में हुई। पाकिस्तान इसमें मध्यस्थता कर रहा है। अमेरिकी और ईरानी नेता अलग-अलग कमरे में बैठे रहे।और पाकिस्तान एक-दूसरे तक मैसेज भेजता रहा। ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को दिनभर चली बातचीत के बाद दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने दिनभर बनी सहमति को लिखित रूप में दर्ज किया और एक-दूसरे से दस्तावेज साझा किए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘वे कई घंटों से मिल रहे हैं। हम देखेंगे कि क्या होता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जीत हमारी ही होगी। डोनाल्ड ट्रंप ने अनिश्चितता जाहिर करते हुए कहा, हो सकता है कि वे कोई डील करलें। हो सकता है कि न करें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।अमेरिका के नजरिए से जीत हमारी ही है। जहाज रवाना हो रहे हैं और हमारे देश की ओर बढ़ रहे हैं। हम बड़े-बड़े टैंकरों में तेल और गैस भर रहे हैं।
ईरान का कहना है कि कुछ मतभेदों के बावजूद बातचीत जारी रहेगा। ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, पाकिस्तान के प्रस्ताव पर और ईरान और अमेरिका की टीमों की सहमति से बातचीत का एक राउंड और होगा।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ईरान ने हमारी बातचीत नहीं मानी। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी और हमने उन्हें अपनी रेड लाइन्स बता दी थीं लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि वह बिना डील के अमेरिका वापस जा रहे हैं।
*मसूद पेजेश्कियन ने जताई प्रतिबद्धता
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने वार्ता प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए और ईरान की संप्रभु प्राथमिकताओं की रक्षा करते हुए बातचीत करेगा। X पर एक पोस्ट के माध्यम से साझा किए गए बयान में, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने इस्लामाबाद में राजनयिक घटनाक्रमों की परवाह किए बिना, अपने नागरिकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने लिखा, किसी भी स्थिति में जनता के प्रति हमारी सेवा एक पल के लिए भी नहीं रुकेगी, और वार्ताओं का परिणाम कुछ भी हो, सरकार जनता के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के साथ-साथ घरेलू स्थिरता पर प्रशासन के ध्यान को रेखांकित किया।
