अमेरिका ने किए बंदर अब्बास में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले: ईरान ने एक अमेरिकी एयरबेस पर किया जवाबी हमला
Delhi 28 May 2026,
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देशों के बीच में युद्ध विराम पर चल रही वार्ता में अचानक गतिरोध आ गया है। फिर महायुद्ध की स्थिति दिखाई देने लगी है।अमेरिका द्वारा बंदर अब्बास में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। जिसके जवाब में ईरान ने एक अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी हमला किया है। जिससे शांति वार्ता विफल हो गई है। हाल ही में, ईरान ने कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसे कुवैती सेना ने नाकाम कर दिया। अमेरिकी सेना ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया है। इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व को फिर से अस्थिरता के कगार पर पहुंचा दिया है। हुई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ख़तरा पैदा कर रहे ईरान के चार हमलावर ड्रोन भी मार गिराए हैं। और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, बंदर अब्बास स्थित ठिकाने पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि वहाँ से ईरान पाँचवां ड्रोन हमला लॉन्च करने वाला था। ईरानी मीडिया ने शहर के पूर्वी हिस्से में अमेरिकी हमले की ख़बर दी है। ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब अमेरिका और ईरान के बीच बेहद नाज़ुक युद्धविराम लागू है और तीन महीने लंबे युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत जारी है। इस युद्ध ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री मार्ग को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और वैश्विक ऊर्जा क़ीमतों को तेज़ी से बढ़ा दिया है। विश्व के कुल उत्पादित तेल और गैस का लगभग 12 फीसदी हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है। इन नई सैन्य गतिविधियों ने युद्धविराम की स्थिरता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपनी कार्रवाई को संतुलित, पूरी तरह रक्षात्मक और युद्धविराम बनाए रखने के मक़सद से बताया है।
सोमवार को हुए उन हमलों में ईरानी मिसाइल ठिकानों और होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें बिछाने च कोशिश कर रही नावों को निशाना बनाया गया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि वे हमले “ईरानी बलों से हमारे सैनिकों को होने वाले ख़तरे से बचाने” के लिए किए गए थे। वहीं ईरान ने अमेरिकी हमलों को “युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन” बताया है और चेतावनी दी है कि “ईरानी सरकार किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेगी। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने मंगलवार को दावा किया कि उसने एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराया और ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसे एक लड़ाकू विमान के अलावा दूसरे ड्रोन पर भी गोलीबारी की। हालांकि उसने यह नहीं बताया कि यह घटना कब हुई।
आज बुधवार को कैबिनेट बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ‘दम टूटने की स्थिति में बातचीत कर रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता, तो अमेरिका फिर से बड़े पैमाने पर बमबारी अभियान शुरू कर सकता है।
ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय आई, जब ईरानी सरकारी टीवी ने एक कथित मसौदा समझौते का डिटेल प्रसारित किया, जिसमें होर्मुज को फिर से खोलने और क्षेत्र से अमेरिकी सेनाओं की वापसी जैसी बातें शामिल थीं।व्हाइट हाउस ने उस दस्तावेज़ को पूरी तरह मनगढ़ंत बताया।
बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था, “ईरान सिर्फ समझौता चाहता है. मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई और विकल्प है. ईरान समझौते के लिए बहुत इच्छुक है. अब तक वे वहाँ नहीं पहुँचे हैं और हम इससे संतुष्ट नहीं हैं. लेकिन हम होंगे या फिर हमें काम पूरा करना पड़ेगा ।
