July 11, 2026

अमेरिका ने ईरान को 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम:स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी जहाजों के लिए खुला रखे और हमलों को रोके, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे,

Delhi 11 July 2026,

ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर तनाव चरम पर है। अमेरिका ने ईरान को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी जहाजों के लिए खुला रखे और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमलों को रोके, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को नक्शे से मिटाने की धमकी दी है। इसके अलावा अमेरिका ने ईरान के 14 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध भी लगाए हैं। वहीं ईरान ने भी अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक दो सप्ताह पहले किया गया समझौता और सीजफायर एक तरह से खटाई में पड़ गया है। इस बार लड़ाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है। ईरान ने होर्मुज के अंदर एक अलग रास्ता बना दिया है और उसका कहना है कि इसी रास्ते से जहाजों को उसके नियंत्रण में गुजरना है। जबकि अमेरिका एक अलग कॉरिडोर चलाने के प्रयास में है। ऐसे में लड़ाई होर्मुज के अंदर अलग-अलगर रास्तों को लेकर है।

अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान सार्वजनिक तौर पर ऐलान करे कि होर्मुज सबके लिए खुला है। इसके अलावा ईरान किसी भी कमर्शियल शिप को निशाना नहीं बनाएगा। अमेरिका अधिकारियों ने कहा, ट्रंप यही चाहते हैं कि होर्मुज के सारे शिपिंग चैनल बिना किसी शुल्क के खोल दिए जाएं। बता दें कि होर्मुज के रास्ते से ही दुनियाभर के तेल का पांचवां हिस्सा सप्लाई होता है। 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद समझौता होने तक इस रास्ते में हजारों जहाज फंसे रहे और पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो गया।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा आर्थिक कदम उठाते हुए 14 लोगों और संस्थाओं पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र अली अंसारी है। दुबई में रहने वाला यह ईरानी बैंकर और कारोबारी अमेरिका की रडार पर लंबे समय से था। अमेरिका का दावा है कि अंसारी ने सरकारी धन को विदेशों में रियल एस्टेट और व्यापार में निवेश करके ईरान के प्रभावशाली नेताओं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को आर्थिक मजबूती दी है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपने वादों को तोड़ा तो ईरान भी चुप नहीं बैठेगा। ईरानी प्रवक्ता मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा कि अमेरिका के साथ युद्ध ईरान के आत्मसमर्पण के साथ समाप्त नहीं होगा और वे अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान अपने सुरक्षा तंत्र को गोपनीय तरीके से मजबूती प्रदान करने में जुटा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार जून और जुलाई की नई तस्वीरों में वहां मरम्मत और निर्माण का काम फिर से शुरू होता दिखाई दे रहा है। हाल ही में जारी सैटेलाइट तस्वीरों में ईरान के कई संवेदनशील सैन्य ठिकानों पर गतिविधियां नजर आई हैं। जून के आखिर और जुलाई की शुरुआत में ली गई तस्वीरों की तुलना करने पर पता चला कि जिन जगहों को हाल के अमेरिकी और इजरायली हमलों में नुकसान पहुंचा था, वहां अब मरम्मत और दोबारा निर्माण का काम चल रहा है।

 

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