मसूरी में पार्किंग पर सियासत: पिक्चर पैलेस पार्किंग बंद करने के फैसले से बढ़ा विवाद
पर्यटन नगरी मसूरी में पार्किंग की समस्या पहले से ही गंभीर बनी हुई है, ऐसे में नगर पालिका द्वारा पिक्चर पैलेस स्थित कार पार्किंग को बंद करने के निर्देश ने शहर में नया विवाद खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि जहां नई पार्किंग सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए थीं, वहीं नगर पालिका मौजूदा पार्किंग को बंद कर वहां पालिका बाजार बनाने की योजना पर आगे बढ़ रही है।
यह प्रस्ताव पालिका अध्यक्ष द्वारा विशेषाधिकार के तहत बोर्ड बैठक में लाया गया, जिसका सभासद गीता कुमाई ने विरोध किया था। उन्होंने इस निर्णय पर लिखित आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन इसके बावजूद प्रस्ताव पारित कर दिया गया। उनका कहना है कि पर्यटन सीजन में इस फैसले से पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा और शहर की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव मशीन के अनुसार, पिक्चर पैलेस पार्किंग स्थल पर पालिका बाजार विकसित किया जाएगा और इसके लिए मजदूर संघ को नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि टाउन हॉल में वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था की गई है और माल रोड पर पटरी व्यापारियों को नए पालिका बाजार में समायोजित करने की योजना है। पहली सूची में करीब 100 लोगों को दुकान आवंटित करने की तैयारी है।
वहीं, मजदूर संघ ने इस फैसले का कड़ा विरोध जताया है। संघ के महामंत्री शोभन पवार का कहना है कि उनके साथ एक वर्ष का अनुबंध किया गया था, जो अभी समाप्त नहीं हुआ है, इसके बावजूद पार्किंग खाली करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मजदूर नेता संजय टम्टा ने भी इस फैसले पर सवाल उठाते हुए घोटाले की आशंका जताई है। उनका कहना है कि हाथ रिक्शा उन्मूलन योजना के तहत मजदूरों को यह पार्किंग दी गई थी, जिससे उनकी आजीविका जुड़ी हुई है। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के इसे बंद करना मजदूरों के हितों के खिलाफ है।
कुल मिलाकर, मसूरी में पार्किंग बंद करने का यह निर्णय अब प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और मजदूर संगठनों के बीच टकराव का कारण बनता जा रहा है, जिसका असर आने वाले पर्यटन सीजन पर भी पड़ सकता है।
