विश्व पशु चिकित्सा दिवस 2026″ के मौके परपशु चिकित्सकों की भूमिका पर हुई व्यापक चर्चा,
Uttrakhand, 26 April 2026,
उत्तराखंड पशुपालन विभाग द्वारा 25 अप्रैल को “विश्व पशु चिकित्सा दिवस 2026″ के मौके पर होटल प्राइड प्रीमियर सॉलिटेयर, देहरादून में भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम”पशु चिकित्सक: खाद्य और स्वास्थ्य के संरक्षक” थी। इसके अंतर्गत पशु चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर व्यापक चर्चा की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री सौरभ बहुगुणा पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग ने अपने संबोधन में पशु चिकित्सकों की भूमिका को राज्य के पशुपालकों एवं खाद्य सुरक्षा से जोड़ते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने पशु चिकित्सकों की लंबित डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) एवं विभागीय पुनर्गठन से संबंधित मांगों पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए विषय को कैबिनेट में लाने का आश्वासन दिया।
अति विशिष्ट अतिथि मंत्री सुबोध उनियाल ने भी इस अवसर पर पशु चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए उनके हितों से जुड़े मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही तथा आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने पशु चिकित्सा से जुड़े सभी कर्मियों से आवाहन किया कि आप सभी पशुओं के स्वास्थ्य की चिंता करें। और मैं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री होने के नाते आपको चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की हर संभव कोशिश करूंगा।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित कार्यशाला में भारत सरकार के ज्वाइंट कमिश्नर (पशुपालन) डॉ. सुजीत नायक ने “पशु चिकित्सक: खाद्य और स्वास्थ्य के संरक्षक” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए पशु चिकित्सकों की भूमिका को खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख अधिकारियों एवं विशेषज्ञों में अपर सचिव पशुपालन संतोष बडोनी, निदेशक पशुपालन डॉ. उदय शंकर, अपर निदेशक डॉ. राकेश सिंह नेगी, डॉ. आर.एस. नितवाल, डॉ. भूपेंद्र सिंह जंगपांगी, संयुक्त निदेशक डॉ. नारायण सिंह नेगी, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अजय असवाल, डॉ. अशोक लीलाधर बिष्ट, डॉ. विद्यासागर कापड़ी, डॉ. सतीश जोशी, डॉ. गोकर्ण सिंह खड़ायत एवं डॉ. कैलाश उनियाल सहित अनेक वरिष्ठ पशु चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में डॉ. पंडित राजेंद्र अन्थवाल (अध्यक्ष, उत्तराखंड गौ सेवा आयोग) एवं आमंत्रित अतिथि के रूप में श्री सुरेंद्र मोघा (उपाध्यक्ष, उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड) की गरिमामयी उपस्थिति रही।यह आयोजन पशु चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, अधिकारियों एवं पशुपालकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ तथा पशु स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विश्व पशु चिकित्सा दिवस प्रतिवर्ष अप्रैल के अंतिम शनिवार को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पशु स्वास्थ्य, कल्याण और जन स्वास्थ्य में पशु चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
विश्व पशु चिकित्सा दिवस 2026″ के मौके परपशु चिकित्सकों की भूमिका पर हुई व्यापक चर्चा,
On the occasion of “World Veterinary Day 2026”, a wide-ranging discussion was held on the role of veterinarians
