मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई करेगी:बारासात कोर्ट ने गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा,
Kolkata, 12 May 2026,
पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई करेगी। इस मामले की अभी तक मध्यमग्राम थाना पुलिस और सीआईडी जांच कर रहे थे। अब दोनों एजेंसियों के पास मौजूद सभी दस्तावेज और सबूत सीबीआई को सौंपे जाएंगे। वहीं अब तक इस मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अभी तक किसी आरोपी ने खुलकर हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक हत्या में विदेशी संलिप्तता की आशंका और मामले की गंभीरता को देखते हुए यह मामला सीबीआई को सौंपा गया है।
चंद्रनाथ रथ, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी के करीबी सहयोगी बताए जाते थे। उनकी 6 मई को मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने बेहद करीब से लगातार चार गोलियां चलाई थीं, जिससे मौके पर ही उनकी हालत गंभीर हो गई थी। उन्हें सीने, हाथ और पेट में गोली लगी थी।
सीबीआई ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया है। डीआईजी रैंक के अधिकारी पंकज कुमार सिंह इस पूरी जांच की निगरानी करेंगे। विशेष टीम में दिल्ली, पटना, रांची, धनबाद और लखनऊ के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कोलकाता जोन के संयुक्त निदेशक को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर एसआईटी में और अधिकारियों को भी जोड़ा जा सकता है।
अब तक इस मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कोलकाता पुलिस ने हत्या मामले में यूपी के बलिया निवासी राज सिंह को अयोध्या-बस्ती हाईवे से गिरफ्तार किया है। जबकि उसके दो साथी मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्या को बिहार के बक्सर से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अभी तक किसी आरोपी ने खुलकर हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार नहीं की है। पुलिस का दावा है कि हत्या की योजना बेहद प्रोफेशनल तरीके से बनाई गई थी। हमलावरों ने पहले इलाके की रेकी की और फिर मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को बारासात कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब सभी की नजर सीबीआई जांच पर टिकी है। आखिर इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के पीछे कौन मास्टरमाइंड था? और हत्या की असली वजह क्या थी?
