लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर स्थानीय लोगों को राहत दिलाने की उठी मांग
लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में उल्लेखित “कमर्शियल वाहन” शब्द को लेकर उत्पन्न भ्रम और स्थानीय जनता को हो रही परेशानियों के समाधान के लिए सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) के चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल से मुलाकात कर एक प्रतिवेदन सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों के अधिकांश नागरिक देहरादून एवं हरिद्वार आने-जाने के लिए मिनी बस, टैक्सी, मैक्स वाहन और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर निर्भर हैं। यह मार्ग क्षेत्रीय जनता के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और दैनिक जरूरतों तक पहुंच का प्रमुख साधन है।
मुलाकात के दौरान यह भी बताया गया कि इस विषय पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग को खोलने का महत्वपूर्ण निर्णय दिया था। हालांकि “कमर्शियल वाहन” शब्द की व्याख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने से स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि स्थानीय जनता की व्यावहारिक समस्याओं और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले में संवेदनशीलता और उदारता के साथ निर्णय लिया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और उनका दैनिक जीवन प्रभावित न हो।
इस पर चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल ने भरोसा दिलाया कि सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी स्थानीय लोगों की समस्याओं और जनहित से जुड़े पहलुओं को गंभीरता से समझते हुए जल्द सकारात्मक अनुशंसा करेगी।
अनिल बलूनी सांसद गड़वाल
