भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामले में CBI ने सेना के कर्नल को किया गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
CBI ने सेना के टेंडरों में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ईस्टर्न कमांड में तैनात कर्नल हिमांशु बाली को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने टेंडर दिलाने, घटिया सैंपल पास कराने और बढ़े हुए बिल क्लियर कराने के बदले रिश्वत ली। मामले में कई कारोबारी और अन्य लोग भी आरोपी बनाए गए हैं।
कर्नल हिमांशु बाली आर्मी ऑर्डिनेंस कॉर्प्स में ईस्टर्न कमांड, फोर्ट विलियम्स, कोलकाता में तैनात थे। इस मामले में अक्षत अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, आशुतोष शुक्ला, नरेश पाल और कुछ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है.।
इस मामले में CBI ने पहले एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद यह गिरफ्तारी की गई। एफआईआर के अनुसार कानपुर स्थित कंपनी ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड के संचालकों पर सेना के टेंडर हासिल करने के लिए रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि कंपनी को कई टेंडरों में अनुचित तरीके से फायदा पहुंचाया गया।
CBI के मुताबिक कर्नल हिमांशु बाली पर आरोप है कि उन्होंने टेंडर दिलाने, घटिया सैंपल पास कराने और बढ़े हुए बिलों को क्लियर कराने के बदले रिश्वत ली। जांच एजेंसी का कहना है कि मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान एक बड़े टेंडर को रिश्वत के बदले कंपनी को दिलाया गया।
एफआईआर में यह भी दावा किया गया है कि 22 अप्रैल 2026 को कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में कर्नल हिमांशु बाली और कंपनी के प्रतिनिधियों की मुलाकात हुई थी। इसके दो दिन बाद यानी 24 अप्रैल को संबंधित टेंडर कंपनी को मिल गया। CBI ने यह भी आरोप लगाया है कि 16 मई 2026 को कर्नल बाली ने रिश्वत की बाकी रकम मांगी थी। जांच में सामने आया कि करीब 50 लाख रुपये हवाला के जरिए दिल्ली-NCR पहुंचाने की तैयारी की जा रही थी।
