देश की मौजूदा वित्तीय स्थिति में आने वाले समय में देश एक भीषण ‘आर्थिक सुनामी’ का सामना करने जा रहा है: राहुल गांधी,
Delhi 04 Jun 2026,
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वैश्विक आर्थिक संकट के चलते देश में मौजूदा वित्तीय स्थिति को एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर बताया है। कहा कि, आने वाले समय में देश एक भीषण ‘आर्थिक सुनामी’ का सामना करने जा रहा है। जो मौजूदा सरकार के अस्तित्व को संकट में डाल देगा। देश को एक ऐसे चौराहे पर लाकर खड़ा कर देगा जहां सरकार को आपातकाल जैसे कड़े और अप्रत्याशित कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीते दिन कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय में एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और देश की प्रशासनिक स्थिति पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने अपने दावों को मजबूती देने के लिए कुछ बेहद संवेदनशील और उच्च स्तरीय सूत्रों का हवाला दिया। राहुल गांधी ने कहा कि उनके पास देश की शीर्ष संवैधानिक संस्थाओं, जैसे मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय और न्यायपालिका के भीतर बैठे वरिष्ठ न्यायाधीशों से सीधे इनपुट्स आ रहे हैं, जो यह साफ संकेत देते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशासनिक पकड़ और तंत्र पर उनका नियंत्रण अब धीरे-धीरे ढीला पड़ता जा रहा है। राहुल गांधी के मुताबिक, महंगाई की मार, बेरोजगारी और सरकारी संस्थाओं के भीतर सुलगता हुआ आंतरिक असंतोष ही इस सरकार के पतन का कारण साबित होगा।
वहीं बीजेपी के आधिकारिक प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए इसे पूरी तरह से ‘भय का माहौल’ पैदा करने की राजनीति (फियरमोंगरिंग) और एक सोची-समझी अंतरराष्ट्रीय प्रोपेगैंडा का हिस्सा करार दिया। सत्ता पक्ष का तर्क है कि जब देश स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है, तब विपक्ष जानबूझकर संवैधानिक संस्थाओं की साख को बट्टा लगाने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, इस तीखी राजनीतिक बयानबाजी के बीच अगर देश के मौजूदा आर्थिक आंकड़ों को देखा जाए, तो वहां निश्चित रूप से कुछ ऐसे विरोधाभास दिखाई देते हैं जो इस बहस को और अधिक हवा दे रहे हैं।
बीजेपी की ओर से सरकार का पक्ष रखते हुए दावा किया गया कि, वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था अधिकारिक रूप से साढ़े छह फीसदी की सम्मानजनक विकास दर से आगे बढ़ रहा है जिसे वैश्विक मंदी के दौर में एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
बीजेपी आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि ईरान युद्ध से होने वाले किसी भी आर्थिक नुकसान का सामना करने के लिए भारत अच्छी स्थिति में है। कई आर्थिक और स्ट्रेटेजिक इंडिकेटर्स का हवाला देते हुए, मालवीय ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के बीच ‘भारत लाचार नहीं है।
सोशल साइट एक्स पर एक पोस्ट में मालवीय ने राहुल गांधी के दावों का जवाब देने के लिए कई आर्थिक इंडिकेटर्स का हवाला दिया है ।उन्होंने कहा कि मई 2026 में ई-वे बिल जेनरेशन 12.9 फीसदी बढ़ा। जबकि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज एक्टिविटी मजबूत रहीं, जिनकी पीएमआई रीडिंग क्रमशः 56.6 और 58.9 रही। अप्रैल में रिटेल महंगाई 3.48 फीसदी रही, जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के टारगेट से कम थी, जबकि वित्तीय वर्ष 26 में ग्रॉस फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट एफडीआई इनफ्लो रिकॉर्ड $94.5 बिलियन तक पहुंच गया। लेकिन इसके ठीक दूसरी तरफ, देश के वित्तीय मोर्चे पर कुछ गंभीर चुनौतियां भी लगातार सतह पर आ रही हैं। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने ऐतिहासिक निचले स्तर को छू रहा है, विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बाजार से अपनी पूंजी बाहर निकाली जा रही है।इस वर्ष विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 2.5 लाख करोड़ की भारी-भरकम बिकवाली की है। राहुल गांधी की यह चेतावनी इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में देश की आर्थिक सेहत और राजनीतिक स्थिरता का यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन और तीखे टकराव का रूप धारण कर सकता है।
