अमेरिका और ईरान के बीच 14 शर्तों पर हुआ शांति समझौता: शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होगें
Delhi, 15 Jun 2026,
अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 से जारी युद्ध समाप्त करने पर समझौता हो गया है। 14 शर्तों पर दोनों देशों के बीच शांति समझौता हुआ है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाएगा और ईरानी बंदरगाहों से अमरीकी नाकेबंदी समाप्त हो जाएगी। अमरीका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने कल रात टूथ्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समझौता हो जाने की घोषणा की। शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होगें।
अमेरिका के साथ हुए समझौते के बीच ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने इस शांति समझौता को अमेरिका-इजराइल की हार बताया है। ईरान की सेना इस ऐतिहासिक डील को अपनी एक बड़ी रणनीतिक और कूटनीतिक जीत के रूप में देख रही है। ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने दावा किया है कि देश की जनता और सशस्त्र बलों ने यह साबित कर दिया है कि दुश्मन के पास सरेंडर करने के अलावा अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। हमारे लिए यह क बड़ी रणनीतिक और कूटनीतिक जीत है। बयान में आगे कहा गया कि एमओयू का मतलब दुश्मन देश पर भरोसा करना बिल्कुल भी नहीं है। हम अमेरिका पर पूरी नजर बनाए रखेंगे। तेहरान ने शांति समझौते को एमओयू नाम दिया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य समझौते पर हस्ताक्षर के बाद शुक्रवार से खुल जाएगा। होर्मुज से विश्व की कुल तेल आपूर्ति के पांचवें हिस्से का परिवहन होता है। ट्रंप ने कहा इस महत्वपूर्ण समझौते से पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल होगी। समझौते के अनुसार ईरान को अपने परमाणु संवर्द्धन और संबंधित यूरेनियम के 60 दिन के अंदर निस्तारण पर बातचीत करनी है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा युद्ध और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई आज से स्थायी रूप से बंद हो जाएगी।
इस बड़ी खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम नीचे गिर गए। ब्रेंट क्रूड ऑयल में आज शुरूआती कारोबार में 4 फीसदी और अमरीकी वेस्ट टेक्सास इटरमीडिएट ऑयल में 4.6 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। एशिया के शेयर बाजारों में उछाल देखा गया।
अमरीका और इस्राएल ने इस वर्ष 28 फरवरी से ईरान पर हमले शुरू किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी, इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर के कमांडर मोहम्मद पाकपोर और रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह सहित कई लोग मारे गये थे। अयातुल्ला अली खामेनेई के पुत्र मुजतबा अब ईरान के सर्वोच्च नेता हैं। लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद से उन्हें सार्वजनिक रूप नहीं देखा गया है।
