उत्तरकाशी में SIR अभियान तेज, 63,727 मतदाताओं को जारी होंगे नोटिस
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत जनपद उत्तरकाशी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रशांत आर्य ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत मतदाता सूची के पुनरीक्षण, मतदान स्थलों के पुनर्गठन तथा दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण की अद्यतन स्थिति से सभी को अवगत कराया गया।
बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद की तीनों विधानसभा सीटों—पुरोला, यमुनोत्री और गंगोत्री—में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत कुल 2,42,822 मतदाताओं के डेटा का सत्यापन किया गया है। इस प्रक्रिया में 7,751 अनमैप्ड तथा 18,405 अनकलेक्ट मतदाता चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा 2,955 मृत, 1,220 अनुपस्थित, 12,042 स्थानांतरित (शिफ्टेड) और 1,982 दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने बताया कि आलेख्य प्रकाशन के आधार पर जनपद के 2,24,217 मतदाताओं में से विसंगति और अनमैप्ड श्रेणी के अंतर्गत कुल 63,727 नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इनमें पुरोला विधानसभा में 22,429, यमुनोत्री में 19,646 और गंगोत्री में 21,652 नोटिस शामिल हैं। इन नोटिसों का वितरण बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से कराया जा रहा है। साथ ही, 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई के लिए 32 निर्वाचक एवं सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
मतदान केंद्रों के पुनर्गठन पर जानकारी देते हुए बताया गया कि जनपद में पहले 544 मतदान स्थल थे। अब 14 नए मतदान केंद्रों के सृजन के बाद इनकी संख्या बढ़कर 558 हो गई है। नए केंद्रों में पुरोला विधानसभा में 9 और यमुनोत्री विधानसभा में 5 मतदान केंद्र शामिल हैं। निर्वाचन कार्य में सहयोग के लिए राजनीतिक दलों द्वारा 986 बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी नियुक्त किए गए हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं, जबकि 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी बीएलओ और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नोटिस वितरण और सुनवाई की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न की जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र या दोहरे नाम को नियमानुसार हटाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों को सक्रिय रखें और नोटिसों की तामील, सत्यापन प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 12 मान्य दस्तावेजों के आधार पर आवश्यक अभिलेख समय पर उपलब्ध कराने के लिए मतदाताओं को जागरूक करें, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान सफलतापूर्वक और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जा सके।
