लोहे की रॉड और पंच से हमला, 19 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर
रुड़की के गंगनहर थाना क्षेत्र में एक युवक पर कथित रूप से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुरानी रंजिश के चलते लोहे की रॉड और पंच से हमला करने तथा कट्टे के बल पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना के करीब 18-19 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है।
ग्राम माधोपुर निवासी मोहम्मद साहिल ने बताया कि वह देर रात चंद्रशेखर स्कूल के सामने स्थित अपने सैलून पर काम कर रहा था। इसी दौरान कई युवक वहां पहुंचे और उस पर हमला कर दिया। साहिल का आरोप है कि हमलावरों ने लोहे की रॉड और पंच से उसके सिर पर वार किए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित के अनुसार, हमले के दौरान आरोपियों ने कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी। साहिल ने हमलावरों में गांव के तीन युवकों—आशिम मोहम्मद उर्फ मांगता, गुलशन उर्फ मोनू और समीर पुत्र शहजाद—की पहचान की है, जबकि तीन अन्य युवक चेहरे ढके होने के कारण पहचान में नहीं आ सके।
साहिल का कहना है कि उसने घटना के तुरंत बाद पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया और उसे एफआईआर की प्रति भी मिल चुकी है। इसके बावजूद करीब 19 दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। उनका आरोप है कि वह लगातार पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। न्याय की मांग को लेकर उसने मीडिया के माध्यम से अपनी बात सामने रखी है।
वहीं, इस मामले में शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि प्रकरण में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और पीड़ित को न्याय कब मिल पाता है।
साहिल अली (पीड़ित)
शेखर चंद्र सुयाल (एसपी देहात)
