August 5, 2026

लोकसभा-राज्यसभा में विपक्षी दलों क नारेबाजी के चलते कल बुधवार 11.00 बजे तक स्थगित:कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 पारित,

Delhi, 4 August 2026,

आज मंगलवार को संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी दलों अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण बार-बार स्थगन के बाद कार्यवाही अंततः 5 अगस्त बुधवार सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

लोकसभा में आज सुबह प्रश्नकाल के दौरान ही विपक्षी सांसदों के विरोध-प्रदर्शन के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 2:00 बजे तक स्थगित की गई। दोपहर 2:00 बजे दोबारा बैठने पर करीब 15 मिनट कार्यवाही चली, जिसके बाद भारी शोर-शराबे के बीच सदन को बुधवार सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। शोर-शराबे के बीच ही लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया तथा चर्चा के बाद विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया।

राज्यसभा की कार्यवाही भी प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान विपक्ष के तीखे विरोध के कारण दोपहर 2:00 बजे तक और फिर आगे के लिए बाधित रही। सदन में केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को विचार और पारित करने के लिए आगे बढ़ाया गया। विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा/दान में कथित गड़बड़ी, 20 जुलाई को छात्र मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई तथा नीट और पेपर लीक मुद्दों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही को बार-बार बाधित करने और बिना चर्चा के महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला।

लोकसभा में पूर्वाह्न 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा , दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर विपक्षी लगातार नारेबाजी करते रहे।

स्पीकर ओम बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ”मैं आप सभी को बोलने का अवसर दूंगा, लेकिन प्रश्नकाल में केवल प्रश्न-उत्तर होते हैं और सभी से अनुरोध है कि कार्यवाही चलाने में सहयोग करें।” उन्होंने कहा, ”मैंने कल भी कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सभी दलों से यह अनुरोध किया था। संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और चर्चा एवं संवाद के लिए है। यह नारेबाजी करने और तख्तियां लेकर आने का मंच नहीं है।” शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष ने सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी। एक बार के स्थगन के बाद बैठक दो बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाये। इस दौरान विपक्षी सदस्य पहले की तरह ही शोर-शराबा कर रहे थे। हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। सैकिया ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीट पर जाकर बैठने का आग्रह करते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण विधेयक है और सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए।कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 इसी दौरान पारित हो गया।

नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज फिर राम मंदिर दान घोटाले का मुद्दा राज्यसभा में उठाया। इस दौरान उनकी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से तीखी बहस हो गई। सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा। खड़गे ने कहा, सीबीआई कहां है, ईडी कहां है, राम के नाम पर घोटाला करते हैं, आप जो काम कर रहे हैं वह देश के हित में नहीं बल्कि कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए है। इसी बात पर सदन में हंगामा बढ़ गया और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी जबावी हमला किया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री पर असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, उनका संसद में न आना और न बोलना संसद का अपमान है। जिन लोगों ने सभी सांसदों को चुना है, वे उन्हें सुनना चाहते हैं और इसीलिए विपक्षी सदस्य दोनों सदनों में प्रदर्शन विरोध कर रहे हैं।

 

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