हल्द्वानी में खड़गे का भाजपा पर हमला, बोले- सत्ता में आए तो पारदर्शी नीति से देंगे नौकरियां
कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली को संबोधित करने पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आजादी के आंदोलन में कांग्रेस के योगदान का जिक्र करते हुए भाजपा और आरएसएस के नेताओं पर सवाल उठाए।
खड़गे ने कहा कि आरएसएस और भाजपा का कोई ऐसा नेता बताएं, जो देश की आजादी के लिए जेल गया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के आंदोलन के दौरान भाजपा के नेता अंग्रेजों के साथ खड़े थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का देश की आजादी के संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है।
संविधान को लेकर भाजपा पर निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने संविधान की रक्षा के लिए पूरे देश में पदयात्रा की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आज भी संविधान के साथ खिलवाड़ करने में लगी हुई है।
उत्तराखंड सरकार पर भी निशाना साधते हुए खड़गे ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि उसके पास एक ऐसी ‘वॉशिंग मशीन’ है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे लोगों को धोकर दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे कई लोगों को अपनी पार्टी में शामिल किया है।
मेरिट के आधार पर नौकरी देने का वादा
मल्लिकार्जुन खड़गे ने युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर बिना सिफारिश और बिना भ्रष्टाचार के पारदर्शी व्यवस्था के तहत मेरिट के आधार पर नौकरियां दी जाएंगी।
जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार पर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ सख्ती बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
बदरीनाथ-केदारनाथ और राम मंदिर का भी किया जिक्र
खड़गे ने अपने संबोधन में बदरीनाथ, केदारनाथ और राम मंदिर का भी जिक्र किया। उन्होंने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं के नाम पर चंदे के दुरुपयोग और लूट का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों, रोजगार, संविधान और पारदर्शी शासन को लेकर अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।
मल्लिकार्जुन खड़गे
