पशुपालन मंत्री बहुगुणा के निर्देश, भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा एलएसडी संकमण की रोकथाम के लिए जारी प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित करें,
Uttrakhand 22 September 2026,
आज मंगलवार को पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा उत्तराखण्ड सरकार की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय आर-8 यमुना कालोनी चकराता रोड देहरादून में मल्टी स्किन डिजीज एलएसडी संकमण की रोकथाम हेतु समीक्षा बैठक आहूत की गयी। श्री बहुगुणा ने समीक्षा बैठक में श्री बहुगुणा ने निर्देश दिए कि, भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा एलएसडी संकमण की रोकथाम के लिए जारी प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित करें। समस्त मुख्य पशुचिकित्साधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर समस्त आवश्यक व्यवस्थाए सुनिश्चित करें।
आहूत समीक्षा बैठक में उदय शंकर निदेशक पशुपालन ने विभागीय मंत्री श्री बहुगुणा को अवगत कराया कि, 21 जून 2026 को प्रदेश में इस बीमारी का पहला संदिग्ध मामला हल्द्वानी में प्रकाश में आया था। तब से लेकर वर्तमान तक विभाग द्वारा प्रदेश में कुल 2,10,089 पशुओं का टीकाकरण कराया गया। 24 स्थानों पर रिंग वैक्सीनेशन (03 किमी की परिधि में) किया गया जिसमें 28,243 टीके लगाये गये। इस वर्ष कुल 11,41,519 टीके लगाये गये
पशुपालकों में बिमारी की जानकारी,जागरूकता व पशुओं के उपचार के लिए ग्राम स्तर पर 663 शिविरों का आयोजन किया गया इन शिविरों में कुल 15,180 पशुओ का उपचार किया गया इसके साथ ही पशुपालकों को उनके घर पर जाकर भी सेवाए दी गयी व इस प्रक्रिया में 4603 पशुओं का उपचार / टीकाकरण किया गया है। कुल 1151 बीमार पशु चिन्हित किये गये, इसमें से 942 पशु स्वस्थ हो गये है अब तक 466 बीमार पशुओ के ब्लड सैंपल लिए गये व प्रयोगशाला भेजे गये। इनमें से 198 सैंपल कि रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। 135 सैंपल निगेटिव व 63 सैंपल पॉजिटिव पाये गये। अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुरूप प्रदेश में 01 पशु की मृत्यु हुई है, जबकि वर्ष 2022 में आये एलएसडी संकमण में 786 पशुओं की मृत्यु हुई थी।
इस प्रकार विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, पैरावेट, मैत्री संगठन व पशु सखी आदि के सहयोग से चलाये गये उपचार एवं टीकाकरण अभियान के अच्छे परिणाम प्राप्त हुये व पशुपालक किसानों को क्षति से बचाया जा सका।
मंत्रीजी सौरभ बहुगुणा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त जनपदो में लम्पी रोग के अनुश्रवण हेतु नोडल अधिकारियों को नामित करते हुए क्षेत्र भ्रमण करें तथा रोग के प्रसार की रोकथाम हेतु त्वरित कार्यवाही करें। ग्रामीण स्तर पर रोग के सर्विलान्स एव उपचार हेतु प्रभावी व्यवस्था स्थापित की जाय एवं भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा जारी प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित करें। समस्त मुख्य पशुचिकित्साधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लम्पी रोग की रोकथाम करें। सभी विभागीय योजनाओं का कियान्वयन पारदर्शी रूप से क्षेत्र में किया जाय योजनाओं का प्रसार प्रसार बढाने के निर्देश दिये गये।
समीक्षा बैठक में बीवीआरसी पुरुषोत्तम सचिव पशुपालन, संतोष बडोनी अपर सचिव पशुपालन , उदय शंकर निदेशक पशुपालन विभाग, अपर निदेशक / मुख्य अधिशासी अधिकारी, यू०एल०डी०बी० तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
