हेमकुंट साहिब की यात्रा 10 अक्टूबर को होगी बंद, अब तक 2.38 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
पवित्र धाम श्री हेमकुंट साहिब की वार्षिक यात्रा 10 अक्टूबर 2026 को औपचारिक रूप से संपन्न कर दी जाएगी। गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने यह जानकारी दी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे 10 अक्टूबर से पहले अपनी यात्रा पूर्ण कर लें।
इस वर्ष श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा का शुभारंभ 23 मई 2026 को कपाट खुलने के साथ हुआ था। कपाट खुलने के बाद से अब तक देश-विदेश से 2 लाख 38 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र धाम पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में लगातार उत्साह बना हुआ है।
वर्तमान समय में हेमकुंट घाटी प्राकृतिक सुंदरता से सराबोर है। घाटी में विभिन्न प्रजातियों के फूल पूरी तरह खिले हुए हैं। वैली ऑफ फ्लावर्स में दिखाई देने वाले अनेक प्रकार के फूल हेमकुंट क्षेत्र में भी अपनी खूबसूरती बिखेर रहे हैं। इसके साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाला दुर्लभ ब्रह्मकमल भी खिला हुआ है।
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से इस मनमोहक प्राकृतिक दृश्य का आनंद लेने की अपील की है। साथ ही प्रकृति और पर्यावरण की सुंदरता को बनाए रखने के लिए जिम्मेदारीपूर्वक यात्रा करने का आग्रह किया गया है।
श्री हेमकुंट साहिब सिख परंपरा में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। समुद्र तल से 15 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित यह धाम सात बर्फ से ढके पर्वत शिखरों और स्वच्छ हिमानी झील से घिरा हुआ है। दसम ग्रंथ के ‘बचित्तर नाटक’ में वर्णित मान्यता के अनुसार, यह स्थान श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की पूर्व जन्म की तपस्थली माना जाता है।
हेमकुंट साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालु यहां भक्ति, अनुशासन, साहस और परमात्मा से एकाकार होने की भावना का अनुभव करते हैं। ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पवित्र धाम की यात्रा करते हैं।
ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने उत्तराखंड सरकार, जिला प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल, सेना, सेवादारों और समस्त संगत के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यात्रा के शेष समय में भी सभी संबंधित विभाग और सेवादार इसी तरह निःस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं जारी रखें, ताकि यात्रा अंतिम दिन तक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनी रहे।
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से सूचित किया है कि 10 अक्टूबर 2026 के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में शीतकालीन बर्फबारी के चलते हेमकुंट साहिब के कपाट बंद रहेंगे। ऐसे में श्रद्धालु निर्धारित तिथि से पहले ही अपनी यात्रा पूरी कर लें।
