मोरी में SIR शंका-समाधान-संवाद कार्यक्रम, छात्रों को बताया मतदान का महत्व
उत्तरकाशी जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को पारदर्शी, सर्वस्पर्शी और जनभागीदारी आधारित बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “SIR शंका-समाधान-संवाद” अभियान के तहत विकासखंड मोरी सभागार में विशेष मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य तथा मुख्य विकास अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज मोरी और राजकीय महाविद्यालय मोरी के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान विद्यार्थियों को SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची के सत्यापन और निर्वाचन साक्षरता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए सवाल किया कि “हम मतदान क्यों करते हैं?” इस पर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार साझा किए। जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान केवल नागरिक का अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को मतदान के महत्व के साथ-साथ मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की जांच करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी स्वयं Electoral Literacy Messenger (निर्वाचन साक्षरता दूत) बनकर अपने परिवार और समुदाय तक निर्वाचन से जुड़ी सही एवं प्रमाणिक जानकारी पहुंचा सकते हैं।
छात्रों की मांग पर पुस्तकालय की समस्या का समाधान
कार्यक्रम के दौरान राजकीय महाविद्यालय मोरी के छात्रों ने जिलाधिकारी के समक्ष महाविद्यालय में पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए पुस्तकालय की मांग का मौके पर ही समाधान किया।
वहीं, छात्रों ने महाविद्यालय के निर्माणाधीन भवन के निर्माण कार्य में हो रही देरी की शिकायत भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था से वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके अलावा महाविद्यालय के छात्रों ने भूगोल और संस्कृत विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी रखी। जिलाधिकारी ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित विषयों पर आवश्यक स्तर पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने विद्यार्थियों को SIR प्रक्रिया से जोड़ने के साथ ही उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
