लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: कुल 12 विधेयक पारित: सरकार ने विधायी कार्यों के लिहाज से बताया सफल:विपक्ष ने जवाबदेही से बचने का लगाया आरोप।
Delhi,13 August 2026
संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्षी सांसदों के भारी हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र के दौरान विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों और गतिरोध के कारण कामकाज बाधित रहा, हालांकि विभिन्न मुद्दों और विधायी कार्यों के बीच सत्र का समापन हुआ। मानसून सत्र के अंतिम दिन की कार्रवाई वंदे मातरम के गायन के साथ शुरू हुई लोकसभा की बैठक विपक्ष के हंगामे के कारण तुरंत बाद कुछ ही मिनटों में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में मौजूद रहे।
लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में मुलाकात की। यह अनौपचारिक बैठक चाय पर हुई। इस बैठक में विपक्षी गठबंधन के सांसद सम्मिलित नहीं हुए।

मानसून सत्र के समापन के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को संबोधित करते कहा कि, “आज मानसून सत्र का समापन हुआ। कामकाज के लिहाज से यह सत्र बहुत सफल रहा। हमने कुल 12 विधेयक पारित किए लेकिन चर्चा और बहस के मामले में अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं हुई। लोकसभा में निर्धारित समय की तुलना में केवल 19 प्रतिशत काम हुआ और राज्यसभा में 39.17 प्रतिशत काम हो सका। किरेन रिजिजू ने कहा, “लोकसभा में सिर्फ एक बिल पर चर्चा हो पाई। नकल रोकने को लेकर जो बिल आया उस पर। लोकसभा में इसके अलावा कोई अच्छी चर्चा नहीं हुई।
राज्यसभा की कार्रवाई: राज्यसभा में भी विपक्षी दलों के हंगामे और विरोध के बीच कुछ समय कार्यवाही चली, जिसमें मानसून सत्र के अंतिम दिन के निर्धारित कामकाज और मुद्दों पर चर्चा के प्रयास हुए। सत्र के समापन पर राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही में बार-बार हुई अव्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उच्च सदन कुल 37 घंटे 49 मिनट चला।सभापति के मुताबिक, सीमित समय के बावजूद राज्यसभा ने अपना विधायी काम पूरा किया। सत्र के दौरान 12 विधेयकों पर विचार किया गया, जिन्हें पारित किया गया या संबंधित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि सांसदों के पास जनता से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर था, लेकिन बार-बार होने वाले हंगामे के कारण उस अवसर का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सका।
20 जुलाई को शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में दोनों सदनों में, सत्र के प्रारंभ से दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मुद्दों समेत कई विषयों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। दिल्ली में युवाओं के आंदोलन पर पुलिस कार्यवाही को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के स्पष्टीकरण की मांग को लेकर हंगामा करता रहा। वहीं, सरकार की ओर से विभिन्न विधेयकों को आगे बढ़ाने को लेकर भी सदन में हंगामा हुआ। केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मानसून सत्र को विधायी कार्यों के लिहाज से सफल बताया, वहीं विपक्ष ने सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।
