आईआईसीटी और नेटफ्लिक्स स्टोरी टेलिंग और इससे जुड़े क्षेत्र में भविष्य बनाने वाले 100 युवाओं को प्रदान करेगा स्कॉलरशिप।
Delhi 26 August 2026,g
भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) और नेटफ्लिक्स ने स्टोरी टेलिंग और इससे जुड़े क्षेत्र में भविष्य बनाने वाले 100 युवाओं को स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है। इसके तहत छात्रों को छह प्रोफेशनल प्रोग्राम्स—जिनमें दो एक-वर्षीय डिप्लोमा और चार से छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स—पर 80 प्रतिशत तक की आर्थिक मदद दी जाएगी।
इस ‘स्कॉलरशिप पहल’ के तहत जिन छह कार्यक्रमों को शामिल किया गया है, उनमें इंटरैक्टिव कॉमिक्स एंड सीक्वेंशियल आर्ट्स और विजुअल इफेक्ट्स मास्टरी में डिप्लोमा तथा वर्चुअल आर्ट डिपार्टमेंट कंटेंट क्रिएटिविटी, मीडिया टेक वर्कफ़्लो, आर्ट ऑफ कैरेक्टर एनिमेशन और ई-स्पोर्ट्स एंड गेमिंग मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं। यह स्कॉलरशिप पूरे भारत में छात्रों और कामकाजी पेशेवरों के लिए उपलब्ध होंगी।
आईआईसीटी के विजुअल इफेक्ट्स मास्टरी और मीडिया टेक वर्कफ़्लो कार्यक्रमों का करिकुलम नेटफ्लिक्स के सुझावों के साथ, समकालीन इंडस्ट्री की कार्यप्रणालियों और वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
आईआईसीटी, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर ) सेक्टर के लिए भारत का नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है, जिसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा महाराष्ट्र सरकार, फिक्की और सीआईआई की साझेदारी में स्थापित किया गया है। यह संस्थान वर्तमान में मुंबई के पैडर रोड स्थित एनएफडीसी कॉम्प्लेक्स से संचालित होता है, जबकि गोरेगांव की फिल्म सिटी में इसके लिए 10 एकड़ के स्थायी परिसर का विकास किया जा रहा है।
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेटफ्लिक्स के सह-सीईओ टेड सारंडोस के बीच इसी माह अगस्त को हुई बैठक के बाद सामने आई है। श्री मोदी ने टिप्पणी की थी कि भारत में कहानी कहने की एक समृद्ध परंपरा और रचनात्मक प्रतिभाओं का एक असाधारण भंडार है, जिसका उपयोग देश को कंटेंट क्रिएशन के लिए एक ग्लोबल हब के रूप में मजबूत करने के लिए किया जा सकता है। तभी ‘नेटफ्लिक्स इंडिया स्टोरीटेलिंग इनिशिएटिव’ की शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) इकोसिस्टम में अगली पीढ़ी के कहानीकारों को इंडस्ट्री के अनुकूल कौशल से लैस करके भारत की रचनात्मक प्रतिभाओं के दायरे में निवेश करना है, जो भारत की ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ (रचनात्मक अर्थव्यवस्था) के मुख्य चालकों में से एक है।
इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव और आईआईसीटी बोर्ड के अध्यक्ष, चंचल कुमार, आईआईसीटी के सीईओ डॉ. विश्वास देवस्कर, फिक्की एवीजीसी-एक्सआर फोरम के अध्यक्ष, मुंजल श्रॉफ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
