आरटीई, एनसीटीई या यूजीसी द्वारा निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों की भर्ती पर एससी ने लगाई रोक,
Delhi 09 September 2026,
शिक्षक भर्ती से जुड़ी एक अहम याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (एससी)ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कैंडिडेट्स के पास योग्यता ना होने पर बतौर शिक्षक भर्ती होने पर रोक लगा दी है। एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी करते सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राइट टू एजुकेशन (आरटीई ) एक्ट, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन ( एनसीटीई) एक्ट और यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) एक्ट के तहत निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले उम्मीदवारों को स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में शिक्षक के तौर पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में केंद्र सरकार, सभी राज्यों और यूजीसी को नोटिस जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक भर्ती संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए एक अंतरिम आदेश जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की तीन सदस्uयीय पीठ ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल अंतरिम व्यवस्था के तौर पर केवल वही व्यक्ति शिक्षक के रूप में नियुक्त किए जाएं, जो राइट टू एजुकेशन एक्ट, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन एक्ट और यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन एक्ट के तहत निर्धारित आवश्यक योग्यताएं रखते हों।
सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस राजेश चौहान द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। याचिका में निजी एवं अशासकीय शिक्षण संस्थानों में काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को बिना पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के सीधे सरकारी सेवा में शामिल किए जाने पर रोक लगाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का सीधा असर उन शिक्षकों पर पड़ सकता है, जो संबंधित पद के लिए आरटीई, एनसीटीई या यूजीसी द्वारा निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा नहीं करते हैं।
