September 10, 2026

अदाणी ग्रुप एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्ज को रीफाइनेंस के लिए करीब 2.5 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाने की तैयारी में:यह लोन इस साल भारत का सबसे बड़ा विदेशी कर्ज,

Delhi 09 September 2026,

अदाणी ग्रुप एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्ज को रीफाइनेंस करने की तैयारी में है। कंपनी करीब 2.5 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। इस रकम का इस्तेमाल अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी के अधिग्रहण से जुड़े कर्ज को रीफाइनेंस करने में किया जाएगा। अगर सब कुछ निर्धारित योजना के मुताबिक होता है तो, यह 2026 में भारत की सबसे बड़ी ऑफशोर लोन डील होगी। शार्ट सेलर कंपनी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट ने यह बताया है कि यह लोन इस साल भारत का सबसे बड़ा विदेशी कर्ज होगा

अदाणी ग्रुप ने इस फंडिंग को एक ही लोन के बजाय दो हिस्सों में बांटने की तैयारी की है। योजना बनाई है। इसका मकसद ऑफशोर और घरेलू बाजार में उपलब्ध अलग-अलग लिक्विडिटी का इस्तेमाल करके फंडिंग लागत को कम करना है। पहले हिस्से में मॉरीशस स्थित एंडेवर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड करीब 1.5 अरब डॉलर का ब्रिज लोन जुटाने की तैयारी में है। इस लोन की अवधि करीब 18 से 24 महीने हो सकती है। दूसरे हिस्से में अडानी इंफ्रा (इंडिया) लिमिटेड करीब 1 अरब डॉलर का पांच साल का लोन जुटाने की योजना बना रही है।

1.5 अरब डॉलर के ब्रिज लोन की कीमत अमेरिकी बेंचमार्क सिक्योर्ड ओवरनाइट फाइनेंसिंग रेट एसओएफआर से करीब 150 बेसिस प्वाइंट ऊपर रह सकती है। इसके बाद इस ब्रिज लोन को घरेलू बैंकों से मिलने वाले रुपये के लोन के जरिए रीफाइनेंस करने की योजना है। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक जैसे बैंक शामिल हो सकते हैं। दूसरे हिस्से में करीब 1 अरब डॉलर का पांच साल का लोन लिया जाना है। यह लोन भारतीय रिजर्व बैंक की एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग यानी ईसीबी विंडो का इस्तेमाल करके जुटाया जा सकता है। इस सुविधा की कीमत एसओएफआर से करीब 275 बेसिस प्वाइंट ऊपर रहने की संभावना बताई गई है। इस तरह ग्रुप छोटी अवधि की ब्रिज फंडिंग और लंबी अवधि के कर्ज को अलग-अलग बाजारों से जुटाकर अपनी कुल फंडिंग लागत को मैनेज करने की कोशिश कर रहा है।

अदाणी ग्रुप की इस फंडिंग रणनीति में आरबीआई की रियायती फॉरेन एक्सचेंज स्वैप सुविधा भी अहम है। इस सुविधा का मकसद रुपये पर दबाव के बीच विदेशी मुद्रा फंडिंग की हेजिंग लागत को कम करना है।

अंबुजा-एसीसी के अधिग्रहण से जुड़ा है मामला,

यह अदाणी ग्रुप की सीमेंट कंपनियों के अधिग्रहण से जुड़े कर्ज की रीफाइनेंसिंग का अगला चरण है। ग्रुप ने 2023 में भी अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी के अधिग्रहण से जुड़े कर्ज के लिए 3.5 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई थी। अब प्रस्तावित 2.5 अरब डॉलर की फंडिंग उसी कर्ज प्रबंधन रणनीति का अगला बड़ा कदम है।

 

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