सहकारिता चुनाव में भाजपा का क्लीन स्वीप, गढ़वाल के 6 जिलों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष निर्विरोध
जिला सहकारी बैंकों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने गढ़वाल मंडल में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी प्रमुख पदों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। गढ़वाल मंडल के छह जिलों में हुए जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए। भाजपा ने इसे राज्य के सहकारिता चुनाव के इतिहास में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भाजपा की इस जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि सहकारिता चुनाव में कांग्रेस कहीं टिक नहीं पाई। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाजपा की नीतियों और सरकार के कार्यों पर भरोसा जताया है।
छह जिलों में भाजपा समर्थित अध्यक्ष निर्विरोध
गढ़वाल मंडल के अंतर्गत देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष पद पर भाजपा द्वारा घोषित प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
- देहरादून – मंजीत रावत
- चमोली – गजेंद्र सिंह रावत
- उत्तरकाशी – शारदा राणा
- पौड़ी गढ़वाल – पंकज रावत
- टिहरी गढ़वाल – सुभाष चंद्र रमोला
- हरिद्वार – विजेंद्र चौधरी
इसके अलावा सभी छह जिला सहकारी बैंकों के उपाध्यक्ष पदों पर भी भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
पहली बार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण
उत्तराखंड सहकारिता चुनाव में पहली बार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला सहकारी बैंकों के चुनाव इसी आरक्षण व्यवस्था के तहत संपन्न कराए जा रहे हैं।
प्रदेश के कुल दस जिला सहकारी बैंकों में उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इन तीनों जिलों में आरक्षण के तहत महिला अध्यक्ष निर्वाचित होंगी।
कुमाऊं में 10 और 11 सितंबर को चुनाव
जिला सहकारी बैंकों के चुनाव दो चरणों में संपन्न हो रहे हैं। प्रथम चरण में गढ़वाल मंडल के छह जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर भाजपा ने निर्विरोध जीत दर्ज की है।
वहीं, कुमाऊं मंडल के जिला सहकारी बैंकों के चुनाव 10 और 11 सितंबर को आयोजित होंगे। भाजपा का दावा है कि कुमाऊं मंडल में भी पार्टी गढ़वाल जैसा प्रदर्शन दोहराएगी। इसके लिए पार्टी की ओर से चुनावी रणनीति तैयार की गई है।
गढ़वाल मंडल में मिली निर्विरोध जीत के बाद अब कुमाऊं मंडल के चुनाव पर सभी की नजरें टिकी हैं।
