11,40,770 रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के लिए 2009.61 करोड़ रुपये के पीएलबी के भुगतान को केबिनेट में मिली मंजूरी,
Delhi 14 October 2026,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय केबिनेट ने रेल कर्मचारियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए 11,40,770 रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के लिए 2009.61 करोड़ रुपये के उत्पादकता-आधारित बोनस (पीएलबी) के भुगतान को मंजूरी दे दी है।
रेल कर्मचारियों को पीएलबी का भुगतान प्रत्येक वर्ष दुर्गा पूजा/दशहरा की छुट्टियों से पहले किया जाता है। इस वर्ष भी, लगभग 11.40 लाख गैर-राजपत्रित रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर पीएलबी राशि का भुगतान किया जा रहा है। पीएलबी रेल कर्मचारियों को रेलवे के प्रदर्शन में सुधार के लिए प्रेरित करने वाले प्रोत्साहन के रूप में कार्य करता है। गैर-राजपत्रित रेल कर्मचारियों को अधिकतम 78 दिनों के लिए 17,951 रुपये का भुगतान किया जाएगा। यह राशि रेल कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों जैसे ट्रैक मेंटेनेंस कर्मी, लोको पायलट ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, तकनीशियन, तकनीशियन सहायक, पॉइंट्समैन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ और अन्य ग्रुप ‘सी’ स्टाफ को दी जाएगी।
वर्ष 2025-26 में रेलवे का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। रेलवे ने रिकॉर्ड 1670 मिलियन टन माल लादा और लगभग 7.41 बिलियन यात्रियों को परिवहन प्रदान किया।
*राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को पांच वर्षों के लिए 2030-31 तक जारी रखने को भी मिली मंजूरी:
केबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को पांच वर्षों के लिए 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को भी मंजूरी दी है। इसके लिए कुल परिव्यय 53,428 करोड़ रुपये है और यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू रहेगी। नए प्रस्ताव में (i) योजना और उप-योजनाओं का नाम बदलना (ii) दिव्यांगजन पेंशन के लिए पात्रता मानदंड, कवरेज और सहायता दर में संशोधन और (iii) वृद्धजनों तथा विधवाओं के लिए पेंशन योजनाओं और परिवार लाभ योजना को उनके मौजूदा स्वरूप में जारी रखना शामिल है।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (आईजीएनओएपीएस) के नाम में परिवर्तन कर प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना कर दिया गया है। इस तरह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्ल्यूपीएस) के स्थान पर प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना (आईजीएनडीपीएस) के बदले प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के नाम में संशोधन कर प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना कर दिया गया है।
दिव्यांगता पेंशन में परिवर्तन:
दिव्यांगजन पेंशन योजना के अंतर्गत सहायता राशि अब 0-79 वर्ष आयु वर्ग के लिए 375 रुपये और 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के लिए 625 रुपये होगी। योजना के अंतर्गत सहायता राशि में वृद्धि के साथ-साथ निम्नलिखित परिवर्तन भी किए गए हैं।
(क) योजना के अंतर्गत बेंचमार्क दिव्यांगता का मानदंड वर्तमान में 80 प्रतिशत के मुकाबले 40 प्रतिशत होगा।
(ख) दिव्यांगता पेंशन के लिए न्यूनतम आयु मानदंड अब जन्म से होगा।
iii. वृद्धजनों और विधवाओं के लिए पेंशन योजनाएं और पारिवारिक लाभ योजना अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी।
ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव को इस मंजूरी से सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 3.20 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
दिव्यांगजन पेंशन के तहत पात्रता मानदंड, लाभार्थियों की संख्या और सहायता की दर में परिवर्तन से संबंधित दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी और लागू किए जाएंगे। गरीब परिवारों को सहायता प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) 15 अगस्त, 1995 को शुरू किया गया था। शत प्रतिशत केंद्रीय सहायता प्रदान करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश भर में लाभार्थियों को समान रूप से सहायता उपलब्ध हो सके।
