October 14, 2026

उत्तराखंड में गुटखा-पान मसाला पर एक साल का प्रतिबंध, तंबाकू-निकोटिन युक्त उत्पादों की बिक्री पर भी रोक

उत्तराखंड सरकार ने जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गुटखा, पान मसाला और तंबाकू या निकोटिन युक्त खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया।
पूरे प्रदेश में लागू होगा प्रतिबंध
जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध 13 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है और अगले एक वर्ष तक लागू रहेगा। इसके तहत उत्तराखंड में ऐसे उत्पादों को किसी भी नाम से बनाना, जमा करना, वितरित करना या बेचना प्रतिबंधित होगा, जिनमें तंबाकू अथवा निकोटिन का इस्तेमाल खाद्य सामग्री के रूप में किया जाता है।

किस कानून के तहत लिया गया फैसला?

सरकार ने यह कदम खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम, 2011 के प्रावधानों के तहत उठाया है। विनियम 2.3.4 के अनुसार, खाद्य पदार्थों में तंबाकू और निकोटिन का इस्तेमाल सामग्री के रूप में नहीं किया जा सकता।

क्यों जरूरी है यह कदम?

तंबाकू का सेवन मुंह के कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है। गुटखा और तंबाकू युक्त उत्पादों पर रोक लगाने का उद्देश्य इनके सेवन को कम करना और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।

अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश

प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए आदेश की प्रतियां मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों सहित संबंधित विभागों को भेजी गई हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी होगी।

Share

You may have missed

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.