October 12, 2026

हरिद्वार कुंभ-2027 के लोगो, वेबसाइट और गीत का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कुंभ के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण किया। मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, सनातन संस्कृति और जनआस्था का विराट उत्सव है। राज्य सरकार कुंभ मेले के दिव्य और भव्य आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत के माध्यम से श्रद्धालुओं को आयोजन से जोड़ने के साथ कुंभ की विशिष्ट पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाया जाएगा।

लोगो में दिखेगी हरिद्वार की धार्मिक विरासत

हरिद्वार कुंभ-2027 के आधिकारिक लोगो में मां गंगा, हर की पैड़ी, धनुष पुल और सूर्योदय की दिव्य छटा को दर्शाया गया है। इसके साथ ही शिव प्रतिमा, साधु-संतों, त्रिशूल, डमरू तथा मां मनसा देवी और मां चंडी देवी की पहाड़ियों को भी स्थान दिया गया है। ये प्रतीक हरिद्वार की आध्यात्मिक महत्ता और सनातन परंपरा को प्रदर्शित करते हैं।

लोगो के डिजाइन के लिए मेला प्रशासन ने राज्य के युवाओं और विद्यार्थियों से प्रविष्टियां आमंत्रित की थीं। प्राप्त सैकड़ों प्रविष्टियों में से चयन समिति ने हरिद्वार के जगजीतपुर निवासी मधु शर्मा के डिजाइन को सर्वश्रेष्ठ चुना। इसी डिजाइन के आधार पर कुंभ का आधिकारिक लोगो तैयार किया गया है।

वेबसाइट पर मिलेंगी कुंभ से जुड़ी जानकारियां

कुंभ मेला-2027 की आधिकारिक वेबसाइट https://haridwarkumbh.uk.gov.in के माध्यम से श्रद्धालुओं और आगंतुकों को आयोजन से संबंधित प्रामाणिक जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। डिजिटल मंच के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में रहने वाले श्रद्धालु भी कुंभ से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त कर सकेंगे।

‘कुंभ का पर्व आ गया’ गीत से गूंजेगा कुंभ का संदेश

लोकार्पण समारोह में कुंभ के आधिकारिक गीत ‘कुंभ का पर्व आ गया’ का भी विमोचन किया गया। ‘साधु और संतों के मन में हर्ष छा गया, कुंभ का पर्व आ गया’ पंक्तियों से शुरू होने वाला यह गीत कुंभ के आगमन की खुशी, साधु-संतों के उत्साह और श्रद्धालुओं की आस्था को अभिव्यक्त करता है। हरिद्वार निवासी गायक राघव राजा ने इस गीत की रचना, गायन और संगीत तैयार किया है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान

लोगो, वेबसाइट और गीत के जरिए कुंभ की धार्मिक महत्ता, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। जहां लोगो कुंभ को विशिष्ट दृश्य पहचान देगा, वहीं वेबसाइट सूचना प्रसार का माध्यम बनेगी और गीत आयोजन के प्रति जनभावनाओं को मजबूत करेगा।

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