आंगनबाड़ी केंद्रों में हर महीने होगा बच्चों का वजन, रेखा आर्या के सख्त निर्देश
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि विभागीय योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों का प्रत्येक माह नियमित रूप से वजन किया जाए। इससे कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की समय रहते पहचान कर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ देकर स्वस्थ श्रेणी में लाया जा सके। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
टीएचआर (पोषाहार) वितरण की समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि फेसियल रिकॉगनीशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से होने वाले पोषाहार वितरण का पूरा डेटा एफआरएस ट्रैकर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश का रिकॉर्ड बेहतर होगा और केंद्र सरकार से योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
बैठक में मंत्री ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के कारण कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां चुनावी ड्यूटी में व्यस्त हैं, जिससे केंद्रों पर उनकी उपस्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यकत्रियां कार्य दिवस में कम से कम एक घंटे के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पर अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करें और विभागीय कार्यों का भी नियमित रूप से निष्पादन करें।
रेखा आर्या ने प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों के आधार कार्ड और आभा आईडी आगामी एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से तैयार कराए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश में रिक्त पड़े 438 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 2,773 सहायिकाओं के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, ताकि केंद्रों का संचालन सुचारु रूप से हो सके और बच्चों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
बैठक के अंत में मंत्री ने शासन और जिला स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेखा आर्य कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड
