पश्चिम बंगाल असम और पुडुचेरी राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की जीत को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने “चुनाव चोरी” करार देते हुए, निर्वाचन आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल,
Delhi 05 May 2026
पश्चिम बंगाल, असम और पूडुचौरी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की है। इन तीनों राज्यों के चुनाव परिणामों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इन तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की जीत को “चुनाव चोरी” करार देते हुए, अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में निर्वाचन आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सोमवार देर रात 4 मई, को शेयर की गई अपनी पोस्ट में, राहुल गांधी ने साफ तौर से कहा, “असम और बंगाल ऐसे साफ मामले हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग के सहयोग से चुनाव चुराया है।” उन्होंने आगे जोड़ा, “हम ममता जी से सहमत हैं कि बंगाल में 100 से अधिक सीटें चुराई गईं हैं। राहुल गांधी ने एक ट्वीट करते हुए लिखा था कि , कुछ लोग टीएमसी की हार पर खुश हो रहे हैं। उन्हें यह साफ-साफ समझने की जरूरत है कि असम और बंगाल के जनादेश की चोरी, भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने के बीजेपी के मिशन में एक बड़ा कदम है।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और लोकसभा चुनाव 2024 सहित कई अन्य चुनावों में भी इसी तरह के “चुनाव चोरी” के तरीकों का इस्तेमाल किया है। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने निराशा व्यक्त करते हुए लिखा, “चुनाव चोरी, संस्था चोरी – अब और चारा ही क्या है!”
इसके बाद, गांधी ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनकी कड़ी मेहनत और समर्थन के लिए हृदय से धन्यवाद दिया। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी तमिलनाडु और पुडुचेरी के लोगों की रक्षा और सेवा करना जारी रखेगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के ‘चुनिंदा आक्रोश’ पर प्रतिक्रिया व्यक्ति करते हुए हमला बोला है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधान ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस की नीति को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में अगर कुछ ‘फिक्स्ड’ नजर आता है, तो वह है “कांग्रेस का चुनावी हकीकत से टूटा हुआ रिश्ता”। उन्होंने कहा कि जनादेश को स्वीकार न करना और बार-बार लोकतांत्रिक गरिमा को ठेस पहुँचाना यह दर्शाता है कि कांग्रेस वास्तविकता से पूरी तरह कट चुकी है।
धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि बार-बार संस्थाओं पर कीचड़ उछालने से लोकतंत्र मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर होता है। उन्होंने कांग्रेस को नसीहत दी कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और उसे विनम्रता से स्वीकार करना ही राजनीतिक शुचिता है।
