‘खेत बचाओ अभियान’ को जनआंदोलन बनाने पर जोर, कृषि मंत्री ने दिए व्यापक निर्देश
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने 1 जून से 30 जून तक संचालित किए जा रहे देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में सांसदों, मंत्रियों, विधायकों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संबंधित जनप्रतिनिधियों को समयबद्ध तरीके से आमंत्रण एवं सूचना पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।
कृषि मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर तक विशेष जागरूकता शिविर आयोजित कर किसानों को प्राकृतिक एवं संतुलित खेती के प्रति प्रेरित किया जाए। साथ ही अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में मंत्री ने एप्पल मिशन के तहत कृषकों को देय राजसहायता राशि का भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सेब उत्पादकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सेब पैकिंग बॉक्स की उपलब्धता सहित सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी की जाएं।
इसके अलावा प्रदेशभर में पॉलीहाउस निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिक लाभ मिल सके और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा घेरबाड़ योजना के लिए स्वीकृत 90 करोड़ रुपये की राशि में से प्रथम किश्त के रूप में 25 करोड़ रुपये राज्य को प्राप्त हो चुके हैं। इस पर कृषि मंत्री ने उपलब्ध बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सभी विभागीय योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
