मानसून सत्र का पहला दिन विपक्षी दलों के हंगामे के कारण रहा बाधित: दोनों सदनों बिना किसी विधायी कार्यवाही के पूरे दिन के लिए स्थगित,
Delhi 20 July 2026,
संसद का मानसून सत्र का पहला दिन 20 जुलाई 2026 विपक्षी दलों के हंगामे के कारण बाधित रहा और पहले दिन लोकसभा व राज्यसभा दोनों की कार्यवाही बिना किसी विधायी कार्य के पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसदों ने परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक मामले को लेकर दोनों सदनों में जबरदस्त हंगामा किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। अयोध्या राम मंदिर में दान की चोरी का मुद्दा भी विपक्ष (विशेषकर कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला) द्वारा उठाया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘काक्रोच जनता पार्टी ‘ के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर भी विपक्ष ने चर्चा की मांग की। विपक्षी सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। और तख्तियां लहराईं।स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सदन की परंपरा का पालन करें। तख्तियां लहराना सदन की परंपरा नहीं है. प्रश्नकाल और लोकसभा की कार्यवाही चलने दें. सभी सांसदों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा. लेकिन स्पीकर की अपील का विपक्षी सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ। जिसके कारण सदन को पहले 12 बजे, फिर 1 बजे, तक स्थगित किया गया। विपक्षी दलों के लगातार चल रहे हंगामा के कारण स्पीकर ओंम बिरला सदन की कार्रवाई पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी में गए सदस्यों ने शपथ ली। जिसका विपक्षी दलों ने नारे लगाकर विरोध किया। नीट पेपर लीक मामले और अन्य मुद्दों पर भारी हंगामे के कारण राज्यसभा को भी दिन भर में 6 बार स्थगित करना पड़ा और बाद में राज्य सभा को 21 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
