August 8, 2026

भगवानपुर में वन विभाग की छापेमारी, 14.9 टन तारपीन तेल और 17.25 टन बिरोजा सील

raids

भगवानपुर के रुहालकी दयालपुर क्षेत्र में वन विभाग की छापेमारी से हड़कंप मच गया। देहरादून वन विभाग की टीम ने रुड़की रेंज के भगवानपुर अनुभाग में एक फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में तैयार तारपीन का तेल और बिरोजा बरामद किया। मौके पर स्टॉक और उत्पादन से संबंधित संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर टीम ने तैयार माल को सील कर दिया।

बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में चीड़ की लकड़ी से निकलने वाले लीसे से तारपीन का तेल और बिरोजा तैयार किया जाता है। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में न तो मैनेजर मौजूद था और न ही कंपनी का स्वामी मौके पर मिला। टीम को मौके पर चार कर्मचारी मिले। वन विभाग के अधिकारियों ने कर्मचारियों से फैक्ट्री में मौजूद माल और उत्पादन से संबंधित लेखा-जोखा मांगा, लेकिन वे आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।

उप प्रभागीय वनाधिकारी उदय गॉड के मुताबिक, फैक्ट्री में करीब 14,900 किलोग्राम तैयार तारपीन का तेल और 17,252 किलोग्राम बिरोजा मिला है। मौके पर मौजूद तैयार माल का कोई संतोषजनक लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इसके बाद वन विभाग की टीम ने दोनों उत्पादों को सील कर दिया।

चीड़ की लकड़ी के स्रोत की होगी जांच

वन विभाग अब यह जांच करेगा कि फैक्ट्री में चीड़ की लकड़ी किस डिपो से लाई जा रही थी, कितनी मात्रा में लकड़ी फैक्ट्री तक पहुंची और उससे कितना उत्पादन किया गया। विभाग स्टॉक और उत्पादन के रिकॉर्ड का भी मिलान करेगा।

अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि निर्धारित मात्रा से अधिक स्टॉक या किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो कंपनी के स्वामी और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में तैयार माल मिलने और मौके पर संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने से कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। आखिर फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी? यदि कंपनी के पास वैध लाइसेंस और अनुमति थी तो स्टॉक एवं उत्पादन का लेखा-जोखा मौके पर क्यों नहीं मिला? उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां चलने के बावजूद कंपनी का मैनेजर या स्वामी मौके पर क्यों मौजूद नहीं था?

अब वन विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे। जांच में यदि फैक्ट्री संचालन में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

उदय गॉड, (उप प्रभागीय वनाधिकारी ,देहरादून )
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